गौशाला बनी किसानों के लिए वरदान, सस्ती जैविक खाद से बढ़ी उपज

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क


पादूकलां। पादूकलां क्षेत्र की श्री गोगाजी गौशाला इन दिनों किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। जहां एक ओर गौवंश संरक्षण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां तैयार हो रही जैविक खाद खेती को नई दिशा दे रही है।

सस्ती जैविक खाद से बढ़ रही उपज

गौशाला से प्रतिवर्ष करीब 250 से 300 ट्रॉली जैविक खाद किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती है। किसान इस प्राकृतिक खाद का उपयोग कर अपनी भूमि की उर्वरता बढ़ा रहे हैं, जिससे फसल उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

खाद भराई का कार्य शुरू

रविवार से गौशाला परिसर में खाद भराई का कार्य शुरू हो चुका है। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंच रहे हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। पूरे दिन परिसर में किसानों की आवाजाही बनी हुई है।

फसल सुरक्षा में भी मदद

गौशाला द्वारा किसानों को एक और सुविधा प्रदान की जा रही है—आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए किसान अपने पशुओं को यहां सुरक्षित रख सकते हैं, जिससे खेतों को नुकसान से बचाया जा रहा है।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

किसानों का कहना है कि गोबर से बनी यह जैविक खाद मिट्टी के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम हो रही है और खेती अधिक टिकाऊ व उपजाऊ बन रही है।

श्री गोगाजी गौशाला क्षेत्र में गोवंश संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आर्थिक मजबूती और कृषि सुधार में भी अहम भूमिका निभा रही है।

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