लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट – दुर्योधन मयंक, उनियारा
उनियारा। उनियारा उपखंड क्षेत्र के सुथड़ा स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र में जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का ज्ञान कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं बाबूलाल कासलीवाल ने बताया कि भगवान मुनिसुव्रतनाथ का जन्म राजगृह (राजगीर) में हरिवंश कुल में हुआ था। उनके पिता राजा सुमित्र और माता पद्मावती थीं। ‘कछुआ’ उनका चिह्न है तथा उनका वर्ण नील बताया गया है। उन्होंने वैराग्य प्राप्त कर फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को दीक्षा ली और वैशाख कृष्ण नवमी को केवलज्ञान प्राप्त किया।
धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना
कार्यक्रम के दौरान शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक के साथ नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया।
- मूलनायक शांतिधारा उच्छवलाल एवं निहालचंद (देई) द्वारा की गई।
- वार्षिक शांतिधारा रमेशचंद एवं रौनक सर्राफ (जयपुर) ने संपन्न कराई।
- पांडुशिला पर शांतिधारा कमल कुमार (उनियारा) द्वारा की गई।
इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा एवं चौबीस तीर्थंकरों की आराधना कर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया।
भक्तामर दीपार्चना और आरती
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं नरेंद्र जैन बनेठा के अनुसार सायं 7 बजे श्रेष्ठी परिवार एवं भक्तामर मंडल उनियारा-ढिकोलिया द्वारा आरती एवं भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पूरे आयोजन के दौरान तीर्थ क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।






















































