लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्वी राजस्थान के लिए महत्वाकांक्षी ‘राम जल सेतु लिंक परियोजना’ को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। यह परियोजना 17 जिलों के लिए जीवनदायिनी मानी जा रही है।
8 अप्रैल को बूंदी दौरा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 8 अप्रैल को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गांव गुहाटा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे:
- निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट का निरीक्षण करेंगे
- राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा करेंगे
चंबल एक्वाडक्ट का महत्व
यह एक्वाडक्ट संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- एक छोर: कोटा जिले की दीगोद तहसील का पीपल्दा समेल गांव
- दूसरा छोर: बूंदी का गुहाटा गांव
- लंबाई: लगभग 2280 मीटर
यह परियोजना मिशन मोड में तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और इससे आवागमन के लिए भी नया मार्ग उपलब्ध होगा।
परियोजना का व्यापक लाभ
इस महत्वाकांक्षी जल परियोजना से:
- लगभग 17 जिलों को लाभ मिलेगा
- करीब 3.25 करोड़ आबादी को पेयजल सुविधा मिलेगी
- सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए जल उपलब्ध होगा
- कृषि उत्पादन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी
सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का कहना है कि संशोधित PKC (पार्वती-कालीसिंध-चंबल) लिंक परियोजना को वृहद स्वरूप देकर राजस्थान में जल संकट का स्थायी समाधान किया जाएगा।
‘राम जल सेतु लिंक परियोजना’ को राज्य के भविष्य के लिए एक परिवर्तनकारी योजना माना जा रहा है, जिससे न केवल जल उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।



















































