लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: बृजकिशोर पारीक, जोधपुर
जोधपुर। नारी सुरक्षा, वीरता और नारी शक्ति की विजय का प्रतीक घुड़ला पर्व राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष सप्तमी से चैत्र शुक्ल तृतीया (गणगौर) तक चलता है। इस दौरान महिलाएँ और कन्याएँ मिट्टी के बर्तन (घड़े) में दीपक रखकर सिर पर संतुलित करते हुए पारंपरिक गीत गाते हुए घुड़ला नृत्य करती हैं।
इस वर्ष रातानाडा, शिव रोड स्थित श्री सिद्ध नागेश्वर महादेव मंदिर में मंदिर पुजारी ललिता जोशी के सानिध्य में घुड़ला पर्व मनाया गया। मंदिर व्यवस्थापक शिवानी जोशी और निकिता जोशी ने सभी महिलाओं का स्वागत किया।
रात्रि में आयोजित गुड़ला कार्यक्रम में इसर गणगौर (संतोष माँगालिया, अनुष्का चौधरी) की झांकी के दर्शन कराई गई। महिला मंडल ने गणगौर गुड़ला गीतों के साथ पारंपरिक आरती की और क्षेत्र के बंसी बोराना द्वारा माता को रबड़ी केसर दूध का भोग अर्पित किया। अंत में प्रसाद सभी में वितरित किया गया।


















































