लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (आर एन सांवरिया) राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) और बयरफुट कॉलेज, तिलोनीया (अजमेर) के बीच मंगलवार को “सोलर दीदी” प्रशिक्षण एवं आजीविका सशक्तिकरण हेतु गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर हस्ताक्षर राज्य मिशन निदेशक नेहा गिरि और बयरफुट कॉलेज की निदेशक एवं सीईओ सौम्या किदाम्बी ने किए।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा, सचिव पुष्पा सत्यानी, परियोजना निदेशक प्रीती सिंह और राजीविका के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने का उद्देश्य
इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को “सोलर दीदी” के रूप में प्रशिक्षित कर सौर मरम्मत एवं अनुरक्षण तकनीशियन बनाना है। चयनित महिलाओं को बयरफुट कॉलेज में 40 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें शामिल हैं—
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कक्षा-आधारित शिक्षण
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उपकरण संचालन और सुरक्षा प्रशिक्षण
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वायरिंग, ट्रबलशूटिंग और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस
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फील्ड एक्सपोज़र
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण सौर प्रणालियों की दीर्घकालिक कार्यक्षमता सुनिश्चित करना और महिलाओं के लिए स्वच्छ ऊर्जा आधारित आजीविका अवसर सृजित करना है।
ग्रामीण विकास और ऊर्जा दक्षता में योगदान
प्रशिक्षण उपरांत “सोलर दीदियों” को पंचायतों, सामुदायिक संस्थानों और ग्रामीण परिवारों से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें स्वरोजगार और सेवा-आधारित आय के अवसर मिलें।
राजीविका का कहना है कि यह सहयोग महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा और समावेशी ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण राजस्थान में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देगा।


















































