बच्चों में कैसे बड़े धर्म के प्रति जागरूकता
अनिल माथुर
जोधपुर (राजस्थान)
बच्चों में धर्म के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए हमें उन्हें बचपन से ही सही दिशा में प्रेरित करना चाहिए। धर्म का उद्देश्य बच्चों के जीवन में नैतिकता, सहिष्णुता, और दूसरों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना होता है। नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनसे बच्चों में धर्म के प्रति रुचि बढ़ाई जा सकती है।
सकारात्मक धार्मिक वातावरण बनाएँ
बच्चों को धर्म की ओर आकर्षित करने के लिए सबसे पहले उन्हें घर पर सकारात्मक धार्मिक वातावरण देना जरूरी है। घर में पूजा-पाठ, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और धार्मिक त्योहारों का उत्साहपूर्वक आयोजन करना चाहिए। इससे बच्चे स्वाभाविक रूप से धर्म के प्रति रुचि रखते हैं।धार्मिक कहानियों के माध्यम से प्रेरणा दें।
धार्मिक कहानियों के माध्यम से प्रेरणा दे
बच्चों को धार्मिक ग्रंथों और पौराणिक कहानियों के माध्यम से धर्म की महत्ता समझाएं। रामायण, महाभारत, भगवद गीता आदि से जुड़ी कहानियाँ बच्चों को नैतिकता, सच्चाई, और ईमानदारी के महत्व को सरल ढंग से सिखा सकती हैं।
प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें
बच्चों के मन में कई बार धर्म और उससे जुड़े प्रश्न होते हैं। उन्हें सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करें और उनके प्रश्नों का सरल और सटीक उत्तर दें। इससे उनकी जिज्ञासा और धर्म के प्रति रुचि बढ़ेगी।
प्राकृतिक रूप से धार्मिक क्रियाकलापों में शामिल करें
बच्चों को धार्मिक क्रियाओं में शामिल करें, जैसे कि उन्हें मंदिर लेकर जाएं, दान-पुण्य सिखाएं, और धार्मिक समारोहों में सक्रिय रूप से भाग लेने दें। जब बच्चे खुद इन गतिविधियों का हिस्सा बनेंगे, तो उनमें स्वाभाविक रूप से धर्म के प्रति झुकाव होगा।
समाज सेवा के माध्यम से धर्म का महत्व समझाएं
धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होता। बच्चों को समाज सेवा के महत्व से अवगत कराएं, जैसे कि गरीबों की मदद, पर्यावरण की देखभाल, या पशु-पक्षियों की सेवा। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि धर्म का असली उद्देश्य समाज के प्रति सेवा भाव रखना है।
आध्यात्मिक चर्चा और संवाद
बच्चों के साथ नियमित रूप से आध्यात्मिक चर्चा करें। उन्हें ध्यान, योग, प्रार्थना, और आत्म-निरीक्षण के महत्व को समझाएं। इस तरह की चर्चाएं बच्चों में शांति और धर्म के प्रति समझ विकसित करती हैं।
.धार्मिक शिक्षा के माध्यम से
धार्मिक शिक्षा बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन हो सकता है। यदि बच्चे किसी धार्मिक स्कूल में जाते हैं या नियमित रूप से धार्मिक कक्षाओं में भाग लेते हैं, तो वे धर्म और संस्कृति के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही, उनकी मानसिक और नैतिक विकास में भी सहायता मिलती है।
आदर्श बनें
बच्चे अपने माता-पिता और घर के बुजुर्गों से बहुत कुछ सीखते हैं। यदि आप स्वयं धर्म के प्रति आस्थावान हैं और अपने कार्यों से इसका उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, तो बच्चे भी आपको देखकर धर्म के प्रति रुचि रखते हैं।
धार्मिक यात्राओं पर ले जाएँ
बच्चों को धार्मिक स्थलों पर ले जाना, जैसे मंदिर, आश्रम, तीर्थस्थल आदि, उनके लिए एक नया अनुभव हो सकता है। ऐसी यात्राएँ उनके मन में धर्म के प्रति उत्सुकता और श्रद्धा पैदा करती हैं।
निष्कर्ष
बच्चों में धर्म के प्रति रुचि बढ़ाना केवल पूजा या धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। यह उन्हें नैतिकता, आध्यात्मिकता, और समाज सेवा के प्रति जागरूक करना भी है। सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण से बच्चे धर्म की गहराई और महत्व को समझते हुए अच्छे इंसान बन सकते हैं।
अनिल माथुर
जोधपुर (राजस्थान










































