लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान की 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य का बजट लोकलुभावन घोषणाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान @2047 और स्थायी विकास का स्पष्ट रोडमैप है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा में बजट पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर वित्त मंत्री ने बिंदुवार और तथ्यों के आधार पर जवाब दिया। पटेल ने कहा कि वर्ष 2047 तक, जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब राजस्थान को समृद्ध और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में यह बजट दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
काश्तकारों के हित में ऐतिहासिक निर्णय
पटेल ने बताया कि प्रदेश में पहली बार काश्तकारों की एक दीर्घकालीन समस्या का समाधान किया गया है। यदि खातेदारी भूमि और सड़क के बीच सरकारी भूमि है, तो डीएलसी की दुगुनी दर से राशि जमा कराने पर 20 फीट चौड़ा मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भूमि विवादों में कमी आएगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
जोजरी नदी परियोजना से पश्चिमी राजस्थान को लाभ
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के तहत पश्चिमी राजस्थान की जोजरी नदी, जो आगे लूणी में मिलती है, में प्रदूषित जल की समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन द्वारा जल को पचपदरा तक ले जाकर रिफाइनिंग के बाद पुनः उपयोग हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की घोषणा की गई है। इससे काश्तकारों और आसपास के हजारों नागरिकों को लाभ होगा।
गो-संरक्षण और कानून-व्यवस्था पर प्रतिबद्धता
पटेल ने कहा कि राजस्थान में गो-संरक्षण के लिए वर्ष 1995 में भैरों सिंह जी के नेतृत्व में कानून लाया गया था और वर्तमान सरकार गो-संरक्षण एवं कानून-व्यवस्था के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया।
आधारभूत संरचना पर जोर
उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, ऊर्जा और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी घोषणाएँ राज्य के विकास को नई गति देंगी। बजट प्रदेश के समग्र, संतुलित और स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।













































