लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चौमहला (झालावाड़) | राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिले में कक्षा 8 से 12 के विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, चौमहला में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर की अध्यक्षता और उद्देश्य
शिविर की अध्यक्षता अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष बृजपाल दान चारण ने की।
इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को:
- साइबर अपराध और साइबर दुर्व्यवहार
- बच्चों के कानूनी अधिकार और कर्तव्य
- सामाजिक और कानूनी मुद्दों की जानकारी
- सुरक्षा और जागरूकता
के प्रति संवेदनशील बनाना है।

‘कोर्ट वाली दीदी’ पहल
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रत्येक विद्यालय में एक शिकायत पेटी “कोर्ट वाली दीदी” नाम से लगाई जाएगी, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कर सकेंगे।
इन शिकायतों में शामिल हो सकते हैं:
- यौन शोषण
- भेदभाव या दुर्व्यवहार
- मारपीट
- साइबर अपराध
इन मामलों पर विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध पर विशेष जानकारी
छात्राओं को बताया गया कि साइबर अपराध वह गैरकानूनी कार्य है जिसमें कंप्यूटर, मोबाइल या सोशल मीडिया का उपयोग कर अपराध किया जाता है।
साथ ही जानकारी दी गई कि:
- ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई जा सकती है
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत की जा सकती है
कानूनी अधिकारों और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता
शिविर में विद्यार्थियों को निम्न विषयों पर भी जानकारी दी गई:
- बाल विवाह के दुष्परिणाम
- POCSO एक्ट
- जुवेनाइल जस्टिस एक्ट
- नशा मुक्ति और बाल सुरक्षा
- भारतीय संविधान और बच्चों के अधिकार
विद्यालयों में बनेगी लीगल साक्षरता क्लब
अभियान के तहत सभी स्कूलों में लीगल साक्षरता क्लब बनाए जाएंगे, जिनमें संस्था प्रधान, वरिष्ठ शिक्षक और छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
उपस्थित अधिकारी और स्टाफ
कार्यक्रम में संस्था प्रधान नीलमणि शर्मा, उप प्रधानाचार्य प्रद्युम्न कुमार, कविता मेहर, लोकेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, अनिल जांगिड़ सहित न्यायालय स्टाफ और पीएलवी भी मौजूद रहे।
चौमहला में आयोजित यह शिविर विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और साइबर जागरूकता के प्रति सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।