लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर ।भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का आकस्मिक निधन हो गया। भड़ाना के निधन से भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रखर और तेज तर्रार नेता खो दिया। वहीं गुर्जर समाज ने भी समाज का हीरा जो समाज के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है निधन होने से बड़ी क्षति हुई है।
पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना के निधन पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि
“भाजपा राजस्थान के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
भडाणा जी ने सदैव जनहित और प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दी। उनका निधन भाजपा परिवार और राजस्थान की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।”
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने भी पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि,,,
“भाजपा राजस्थान के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाणा जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।भडाणा जी का संपूर्ण जीवन जनसेवा, संगठन की मजबूती और राजस्थान के विकास को समर्पित रहा। उनका सरल व्यक्तित्व और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
उनका जाना न केवल भाजपा परिवार, बल्कि राजस्थान की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवारजनों एवं समर्थकों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी हेम सिंह भड़ाना के निधन पर शोक व्यक्त किया उन्होंने कहा कि,,,
“भाजपा राजस्थान के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
भडाणा जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव जनहित, संगठन की मजबूती और राजस्थान के विकास को सर्वोपरि रखा। उनका निधन भाजपा परिवार तथा प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।”
कैंसर से पीड़ित थे हेमसिंह भड़ाना गांव बगेरी में होगा अंतिम संस्कार
वसुंधरा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हेमसिंह भड़ाना कैंसर से पीड़ित थे। लंबे समय तक उनका जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में कैंसर का इलाज चला। इसके बाद उन्हें एम्स अस्पताल ले जाया गया । एम्स में भी का लंबे समय तक इलाज चला कुछ दिन पहले वह जयपुर रहे फिर उसके बाद उनके निवास अलवर में परिजनों के साथ रह रहे थे। रात में अलवर में ही उनका ब्रेन हेमरेज और कई क्रिटिकल बीमारियों के चलते निधन हो गया । अब उनका अंतिम संस्कार किशनगढ़ बास स्थित उनके बगेरी पैतृक गांव में होगा। भड़ाना के निधन से उनके समर्थकों में शौक की लहर छा गई है। उनका लोगों से सीधा जुड़ाव था ।उन्होंने थानागाजी को अपनी कर्मस्थली बनाया और यहां से वह दो बार विधायक बने ।दो-तीन चुनाव में हारे भी लेकिन स्थानीय लोगों मैं उनकी गहरी पेठ थी।








































