यूरोलॉजी में एआई का उपयोग प्रोस्टेट कैंसर, किडनी कैंसर, पथरी रोगों में भरपूर

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी में आर पी सूनावाला स्मृति व्याख्यान

महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में शनिवार को डॉ. रुस्तम फिरोज़ सूनावाला ओरेशन आयोजित हुआ।

जयपुर। महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी जयपुर में आयोजित डॉ. आर. पी. सूनावाला ओरशन–2026 में चिकित्सा, मानवीय मूल्यों और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर सर एच एन रिलान्स फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुंबई के सीनियर कंसलटेंट व सुविख्यात यूरोलोजिस्ट डॉ फिरोज एफ़ सूनावाला ने बताया कि “यूरोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

डॉ. सूनावाला ने डॉ. आर. पी. सूनावाला की विरासत को स्मरण सुनाए 

डॉ. सूनावाला ने डॉ. आर. पी. सूनावाला की विरासत का स्मरण करते हुए उन्हें न केवल एक उत्कृष्ट चिकित्सक, बल्कि एक संवेदनशील इंसान बताया।

Ai चिकित्सा  जगत के लिए नया विषय  नहीं 

डॉ सूनावाला ने बताया की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भले ही चिकित्सा क्षेत्र के लिए नया विषय न हो, लेकिन हाल के वर्षों में इसका विकास अत्यंत तीव्र गति से हुआ है। उन्होंने प्रारंभिक एआई प्रणालियों जैसे एलिज़ा, इंटरनिस्ट, ड़ी एक्स प्लैन और कंप्यूटर आइडेड डायग्नोसिस का उल्लेख करते हुए बताया कि इन प्रणालियों ने आधुनिक मेडिकल एआई की नींव रखी।

यूरोलॉजी में एआई का भरपूर उपयोग

उन्होंने कहा कि आज यूरोलॉजी में एआई का उपयोग प्रोस्टेट कैंसर, किडनी कैंसर, पथरी, पुरुष बांझपन और एआई आधारित मेडिकल चैटबॉट्स तक व्यापक रूप से हो रहा है। विशेष रूप से प्रोस्टेट सर्जरी में एआई आधारित तकनीकें क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। एमआरआई स्कैन से तैयार किए गए 3-डी मॉडल सर्जनों को ट्यूमर और आसपास की नसों का सटीक नक्शा प्रदान करते हैं, जिससे सर्जरी अधिक सटीक होती है और जटिलताओं का जोखिम कम होता है।

डॉ. सूनावाला ने बताया कि एआई के उपयोग से मूत्र असंयम और यौन अक्षमता जैसी जटिलताओं में कमी आती है, साथ ही मरीज की रिकवरी तेज होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज मरीज स्वयं एआई टूल्स के माध्यम से अपनी बीमारी के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे पेशेंट एजुकेशन को नई दिशा मिल रही है।

एआई का उपयोग सरकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्रों में भी

उन्होंने आगे कहा कि एआई का उपयोग केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्रों में भी सेवाओं में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार कम करने में इसकी भूमिका बढ़ रही है। भविष्य में एआई निदान, उपचार और मरीजों की देखभाल की पूरी प्रक्रिया को नया स्वरूप देगा।

एआई से स्वास्थ्य सेवा को  प्रभावी, सुलभ और संवेदनशील बनाया

अपने संबोधन के अंत में डॉ. सूनावाला ने कहा कि डॉ. आर. पी. सूनावाला की तरह मानवता और करुणा को केंद्र में रखते हुए, यदि एआई का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो स्वास्थ्य सेवा को और अधिक प्रभावी, सुलभ और संवेदनशील बनाया जा सकता है।

 

यूनिवर्सिटी के फाउंडर चेयरमैन डॉ एम एल स्वर्णकार ने कहा कि यह कार्यक्रम मेरे गुरु, मार्गदर्शक तथा पिता तुल्य पद्मश्री डॉ आर पी सूनावाला के प्रति एक श्रद्धांजलि है। वे सुविख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ थे। उन्हीं की प्रेरणा से जयपुर फर्टिलिटी सेंटर तथा मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो सकी।

 

चेयरमैन डॉ विकास चंद्र स्वर्णकार ने संचालित कॉलेजों तथा महात्मा गांधी अस्पताल सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डॉ सूनावाला के क्वालिटी तथा किफायती सेवाओं जैसे आदर्श सदैव हमारे साथ रहेंगे। इसी से प्रेरित होकर महात्मा गांधी अस्पताल में किफायती दरों पर उपचार हो रहा है।

इस अवसर पर वाइस चांसलर डॉ अचल गुलाटी ने मुख्य वक्ता डॉ फिरोज एफ़ सूनावाला का परिचय देते हुए कहा कि इस तरह के ऑरेशन कार्यक्रमों के जरिए फैकल्टी तथा स्टूडेंट्स को सुविख्यात चिकित्सक से रूबरू कराया जाता है।

कार्यक्रम में इंडिया एजुकेशन ट्रस्ट की वाइस चेयरपर्सन  मीना स्वर्णकार, डॉ शोभित स्वर्णकार, हरमन स्वर्णकार जयाश्री स्वर्णकार, डॉ फिरोज सूनावाला, डॉ वी के कपूर, डॉ एन डी सोनी, डॉ सुधीर सचदेव, डॉ हेमंत मल्होत्रा समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक समुदाय उपस्थित  रहे।

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