लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (निर्मल गुप्ता)। शहर में देवताओं के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती सोमवार को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। जयंती महोत्सव के तहत दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया।
प्रातःकाल पंडित गोविंद गौतम द्वारा भगवान विश्वकर्मा का पंचामृत से अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई गई। मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन कर मंदिर शिखर पर ध्वज पताका फहराई गई। इसके पश्चात आचार्य कृष्ण बिहारी दाघिच ने विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न करवाई। पंचों द्वारा ज्योत प्रज्वलन कर भगवान की आराधना की गई।
महोत्सव के दौरान भगवान विश्वकर्मा की संगीतमय कथा का आयोजन हुआ, जिसमें आचार्य ने उनके जीवन और योगदान का विस्तार से वर्णन किया। कथा में देवपुरी, लंकापुरी, द्वारकापुरी सहित विभिन्न पुरियों एवं मानव जीवन को सुगम बनाने हेतु भगवान द्वारा निर्मित यंत्रों और औजारों का उल्लेख किया गया।
दोपहर बाद हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें दिमांशु जांगिड़, रवि जांगिड़, मोनू जांगिड़, दिनेश जांगिड़ ने सपत्नीक आचार्य बंदी गौतम के मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। सायंकाल भगवान को दाल-बाटी-चूरमा का भोग लगाकर भक्तों को पंगत प्रसादी कराई गई। इसके पश्चात 51 दीपकों से महा आरती उतारी गई।
इस अवसर पर भगवान की आकर्षक झांकी सजाई गई तथा मंदिर को फूलों व रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया। दिनभर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
महोत्सव में मंदिर समिति अध्यक्ष रमेश जांगिड़, तहसील अध्यक्ष राधेश्याम जांगिड़, जिला कार्यकारी अध्यक्ष नेहनू लाल जांगिड़, पूर्व तहसील अध्यक्ष नारायण जांगिड़, धर्मशाला अध्यक्ष उमाशंकर जांगिड़, कोषाध्यक्ष कैलाश जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।

















































