ट्रैक्टर-ट्रॉली से वनकर्मी को कुचला, सिस्टम फिर खामोश!

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
खनन माफिया बेलगाम: ट्रैक्टर-ट्रॉली से वनकर्मी को कुचला
धौलपुर। धौलपुर में खनन माफिया अब कानून नहीं, खाकी और खाक दोनों को रौंद रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक उनका कुछ नहीं बिगड़ा। थानेदार हों, सीईओ हों या आम आदमी—सब इनके आगे बेबस नजर आते हैं। खनन  माफिया अब  तक कई लोगों को टक्कर मार चुके, कई पर फायरिंग कर चुके, फिर भी माफिया बेखौफ हैं।
बुधवार देर रात सरमथुरा थाना क्षेत्र के झिरी नाके पर बजरी माफिया ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं। नाके पर तैनात वनकर्मी जितेंद्र सिंह को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया गया। ट्रैक्टर का पहिया सीधे उनकी जांघ के ऊपर से गुजर गया, जिससे जांघ और पैर में गहरे घाव, भारी ब्लीडिंग और हालत नाजुक हो गई।
घायल वनकर्मी को पहले सरमथुरा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से जयपुर हायर सेंटर रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
 रेंजर देवेंद्र चौहान ने बताया कि वनकर्मी ड्यूटी के दौरान खाना खाकर टहल रहा था, तभी बजरी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने जानबूझकर रौंद दिया। आरोपी माफिया वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी पुलिस के पास “अब तक शिकायत नहीं”। सरमथुरा थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह का कहना है कि रिपोर्ट मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सवाल यह है कि क्या किसी वनकर्मी का कुचला जाना भी अब शिकायत का मोहताज है?
धौलपुर में चंबल के तटीय इलाकों से बजरी का अवैध परिवहन खुलेआम जारी है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की रफ्तार इतनी बेकाबू है कि सामने जो आए, उसे कुचल देने से भी माफिया पीछे नहीं हटते। कई बार पुलिस को भी निशाना बनाया जा चुका है, लेकिन कार्रवाई आज तक नाममात्र ही रही।
सवाल साफ हैं
आखिर खनन माफिया को किसका संरक्षण है?
क्या किसी की जान जाने के बाद ही सख्त कार्रवाई होगी?
वन विभाग और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कहां है?
जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक धौलपुर में कानून नहीं, खनन माफिया का राज चलता रहेगा।
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