लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नावां शहर | रिपोर्टर: मनीष पारीक
नावां शहर | सुरक्षित इंटरनेट दिवस (Safer Internet Day 2026) के अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT&C), ब्लॉक नावा द्वारा राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं राजकीय नर्सिंग कॉलेज, नावा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के ISEA प्रोजेक्ट के अंतर्गत “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प” थीम पर आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में सहायक प्रोग्रामर एवं सूचना सहायक सुखराम चौधरी ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ सामने आ रही साइबर चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई से बने डीपफेक वीडियो और क्लोन आवाजें वास्तविक जैसी लग सकती हैं, इसलिए किसी भी आपात या भावनात्मक संदेश पर प्रतिक्रिया देने से पहले सत्यापन जरूरी है।
वक्ताओं ने डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही बताया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करती। मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) और साइबर हाइजीन अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
वित्तीय सुरक्षा के तहत बताया गया कि यूपीआई पिन केवल पैसे भेजने के लिए जरूरी होता है, प्राप्त करने के लिए नहीं। ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर अपराध की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और एआई के जिम्मेदार प्रयोग की ऑनलाइन शपथ ली। कार्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।

















































