लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (निर्मल गुप्ता) – श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र, सुथड़ा में जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर पुष्पदंत भगवान का गर्भ कल्याणक महोत्सव भव्य रूप से मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा ने बताया कि पुष्पदंत भगवान जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर हैं। अपने पूर्व जन्म में, उन्होंने अपनी आत्मा को शुद्ध कर तीर्थंकर का नाम और गोत्र-कर्म प्राप्त किया। देवताओं के लोक में जन्म लेने के बाद, वे काकांडी नगर के राजा सुग्रीव की पत्नी रानी रामा देवी के गर्भ में अवतरित हुए। उनका जन्म मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मूल नक्षत्र में हुआ। जन्म के समय राजा सुग्रीव ने उनका नाम ‘सुवधि’ रखा था, इसलिए उन्हें ‘सुवधिनाथ’ भी कहा जाता है।
शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में महोत्सव की शुरुआत मंगलाष्टक और नित्य अभिषेक शांति धारा से हुई। इसके बाद वार्षिक शांतिधारा, देवशास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मुलनायक पूजा और पुष्पदंत भगवान की विशेष पूजा का आयोजन किया गया।
सांय 6:00 बजे, श्रेष्ठी परिवार एवं भक्तामर अनुष्ठान मंडल ककोड़ द्वारा भक्तामर दीपार्चना संपन्न की गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्ति और आनंद के साथ महोत्सव में भाग लिया।


















































