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एसएमएस अस्पताल में भीषण आग, एक मरीज की मौत — लापरवाही से हादसा

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सवाई मानसिंह अस्पताल में भीषण आग
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
आग के कारण 7 मरीजों की मौत

 

 

जयपुर। राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में सोमवार देर रात लगी भीषण आग ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर कर दिया। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में लगी आग में 7 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई मरीजों को गंभीर हालत में सड़क पर शिफ्ट करना पड़ा।
रात 11:45 पर दिखी चिंगारी, 11:50 पर भड़की आग
जानकारी के अनुसार, रात करीब 11:45 बजे ट्रॉमा सेंटर के स्टोर रूम में एक चिंगारी दिखाई दी। वहां मौजूद अटेंडेंट्स ने तुरंत इस बारे में स्टाफ को जानकारी दी, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने मामले को नजरअंदाज कर दिया। करीब पांच मिनट बाद, यानी 11:50 बजे आग ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया।
मरीजों में मची अफरातफरी
आग लगने के बाद पूरे वार्ड में घबराहट और भगदड़ का माहौल बन गया। मरीजों और उनके परिजनों में चीख-पुकार मच गई। अस्पताल स्टाफ ने आनन-फानन में रेस्क्यू शुरू किया। बताया जा रहा है कि करीब 35 मिनट के अंदर 125 से अधिक मरीजों को नीचे लाया गया।
ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे दिगंबर वर्मा, नहीं बच पाई जान
इस हादसे में सवाई माधोपुर निवासी 35 वर्षीय दिगंबर वर्मा की मौत हो गई। वे सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती थे और ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। आग लगने और बिजली कटने से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई, जिससे उनकी सांसें थम गईं। उन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल के सर्जिकल ब्लॉक में रेफर किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
फायर टेंडर नहीं घुस पाया ट्रॉमा सेंटर में
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां रात 12 बजे तक अस्पताल पहुंच चुकी थीं, लेकिन ट्रॉमा सेंटर के गेट का आकार छोटा होने के कारण फायर टेंडर अंदर नहीं घुस सका। इसके चलते आग पर काबू पाने में देर लगी। करीब आधे घंटे बाद स्नो-कॉलर और सीढ़ी मंगवाकर दूसरे मंजिल पर फंसे मरीजों को सुरक्षित निकाला गया।
बच्चों को गोद में लेकर भागे अटेंडेंट
रात के इस हादसे के दौरान कई अटेंडेंट्स ने मरीजों को गोद में लेकर बाहर भागने की कोशिश की। पूरा परिसर धुएं से भर गया था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अस्पताल स्टाफ में भी अफरातफरी का माहौल था और रेस्क्यू में समन्वय की भारी कमी दिखी।
जांच के आदेश, अस्पताल प्रशासन पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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