लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
खरतरगच्छ जैन साध्वी मनोहरश्रीजी के 19 वीं पुण्यतिथि पर अष्टन्हिका महोत्सव हुए अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन
नागौर | (श्याम माथुर) कनक अराधना भवन में जैन साध्वी मृगावतीश्रीजी, सुरप्रियाश्रीजी, नित्योदयाश्रीजी के सानिध्य में खरतरगच्छ जैन साध्वी मनोहरश्रीजी के 19 वीं पुण्यतिथि पर अष्टन्हिका महोत्सव हुए अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है |
जैन साध्वी मृगावतीश्रीजी ने सिद्ध चक्र के बारे में बताते हुए कहा कि यह जैन धर्म में सिद्ध चक्र एक लोकप्रिय यंत्र है| जिनका इस्तेमाल पुजा में किया जाता है | इसे श्वेताम्बर परम्परा में नवपद के नाम से जाना जाता है |
साध्वी सुरप्रियाश्रीजी ने कहा कि सिद्ध चक्र को एक कलश के रूप में दिखाया जाता है | कलश के बीच में एक खिले हुए कमल का फुल होता है जो नवपद को दशार्ता है | सिद्ध चक्र विधान के दौरान कईं दिव्य शक्तियाँ प्रकट होतीं हैं|
नित्योदयाश्रीजी ने कहा कि सिद्ध चक्र पर जुडी़ कथा के बारे में बताते हुए कहा कि यह राजा श्रीपाल एवं उनकी पत्नी मैना सुन्दरी के सिद्ध चक्र महामंडल विधान से राजा श्रीपाल का कुष्ठ रोग शांत हो गया था |
खरतरगच्छ संघ के प्रवक्ता प्रदीप डागा ने बताया कि खरतरगच्छ जैन साध्वी मनोहरश्रीजी को छत्तीसगढ़ रत्न शिरोमणि, महत्तरा पद विभुषिता, शासन दीपिका, महाप्रज्ञा, शेखावटी पदमश्री, मरूधरा सिंहनी, जगदम्बा
नागौर में लगभग 1983-84 के चात्तुमार्स के दौरान यहाँ के संघ ने भारत विभुति पद से सुशोभित किया था
प्रदीप डागा ने बताया कि विजय दशमी के अवसर पर नौ छत्ररीया दादावाडी़ में सुबह 7-30 माल महोत्सव मनाया गया | जिसमें माल की बोली खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने ली एंव आरती ओर मंगल दीपक की बोली रसीला बाई खजांची परिवार ने ली |
कनक अराधना भवन में सुबह 9-30 जैन साध्वी मनोहरश्रीजी के 19 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गुणानुवाद सभा रखी गई |
डागा ने बताया कि दोपहर 12-36 बजे से जोधपुर के विधिकारक महेश भण्डारी के द्वारा विधि विधान से सिद्ध चक्र का महापुजन कराया | सिद्ध चक्र महापुजन का लाभ लक्ष्मी राज बच्छावत परिवार ने लिया
एवं सोमवार को दादा गुरु देव का महापुजन एंव 108 आयंबिल का आयोजन किया जायेगा |
इस अवसर पर समाज के स्त्री- पुरुष ओर बच्चे उपस्थित थे |
