लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर/श्रीगंगानगर।
राजस्थान का नहरी तंत्र मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 5 दिसम्बर को श्रीगंगानगर दौरे के दौरान फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना प्रदेश के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे गंगनहर सिस्टम में वर्षभर पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
यह 647.62 करोड़ रुपये की संयुक्त परियोजना है, जिसमें पंजाब की हिस्सेदारी 379.12 करोड़ रुपये तथा राजस्थान की हिस्सेदारी 268.50 करोड़ रुपये तय की गई है।
क्या–क्या होगा पुनर्निर्माण में?
पुनर्निर्माण कार्य में शामिल हैं—
-
आर.डी. 0 से 168.230 तक सी.सी. लाइनिंग
-
2 हैड रेगूलेटरों का पुनर्निर्माण
-
1 नया हैड रेगूलेटर निर्माण
-
1 क्रॉस रेगूलेटर का पुनर्निर्माण
-
19 वी.आर.बी./डी.आर.बी. का पुनर्निर्माण
-
3 रेलवे क्रॉसिंग ब्रिज का पुनर्निर्माण
इन कार्यों के बाद हरिके बैराज से अधिक पानी फिरोजपुर फीडर में लाया जा सकेगा, जिसका सीधा लाभ गंगनहर को मिलेगा।
कमांड एरिया को मिलेगा लाभ
परियोजना से गंगनहर के 3.14 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।
इससे—
-
रबी व खरीफ, दोनों सीजनों में सिंचाई सुगम होगी
-
फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी
-
किसानों की आय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
100 वर्ष पूरे होने पर ऐतिहासिक अवसर
गौरतलब है कि 5 दिसम्बर 1925 को स्व. महाराजा गंगा सिंह ने गंगनहर का शिलान्यास किया था। वर्ष 2025 में इस परियोजना के 100 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इसी ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे।
बजट वर्ष 2024–25 में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत इस परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसके बाद केंद्रीय जल आयोग ने डीपीआर को स्वीकृति दी।
गंगनहर क्षेत्र के किसानों को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।














































