लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सूरतगढ़ -निजी विद्यालय वाले अभिभावकों से उनके बच्चों को आधुनिक शिक्षा व तकनीकी के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने की बात कहते हैं। इसके लिए हर स्कूल में वाई फाई व प्रोजेक्टर भी लगाया जा रहा है। हर निजी विद्यालय में कंप्यूटर लैब बने हुये है। जिसके एवज में अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने में स्कूल प्रबंधन पीछे भी नहीं रहता है। परंतु सुरक्षा के मानक पर निजी स्कूल फिसड्डी साबित हो रहे हैं। अधिकतर निजी स्कूलों में आग से बुझाने का यंत्र नहीं है। अगर है भी तो बच्चो के संख्या के अनुसार सिर्फ दिखवा है जबकि शॉर्ट सर्किट के माध्यम से आग कभी भी भयंकर रूप ले सकती है। बड़े बच्चे अपना बचाव कर सकते हैं। परंतु छोटे मासूम बच्चे इसकी चपेट में आ सकते है। मिली जानकारी के अनुसार सूरतगढ़ क्षेत्र के गिने चुने प्राइवेट स्कूलों ने अग्निशमन से अनापत्ति प्रमाण लिया है। अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूल से संपर्क स्थापित कर अनापत्ति प्रमाण लेने के लिए कई बार कहा गया है। परंतु कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अनापत्ति प्रमाण देने से पूर्व अग्निशमन विभाग के अधिकारी स्कूल का दौरा करते हैं। सभी मानकों को देखते हैं। इसके बाद अनापत्ति प्रमाण दिया जाता है। लगभग हर स्कूल में अपना एक छोटा सा किचन है। जिसमे स्कुल के स्टॉफ के लिए चाय, पानी, नाश्ता बनता है। इन स्कूलों में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ गैस सलेंडर और एसी भी लगाया है। ऐसे में यहां आग से बचाव के उपकरण बेहद जरूरी है। और बचो की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की है जब कोई भी घटना घटित होती है तो प्रशासन महज लीपापोती करने के लिए जाँच करते है ।










































