लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में महिलाओं की मौत और गंभीर हालत की घटनाओं के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल पावटा में नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब जोधपुर में 8 प्रसूताओं की तबीयत खराब होने और दो की हालत गंभीर होने की खबर ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने सोमवार को इस पूरे मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संवाददाताओं को घटनाक्रम की जानकारी दी। खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं और अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा भगवान भरोसे है, जबकि सरकार केवल प्रचार और विज्ञापन में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि एक के बाद एक महिलाओं और मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है, लेकिन मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश के अस्पतालों में लगातार हो रही लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा। यदि ऑपरेशन के बाद मरीजों की हालत बिगड़ रही है, तो यह स्वास्थ्य विभाग की विफलता और सरकार की लापरवाही का परिणाम है।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अस्पताल इलाज के केंद्र कम और अव्यवस्था के केंद्र अधिक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी कौन कर रहा है और दवाओं एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं में खामियों के लिए कौन जिम्मेदार है।
खाचरियावास ने यह भी कहा कि सरकार हर घटना के बाद जांच की घोषणा कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करती है, लेकिन दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। इसी कारण लापरवाही की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम जनता इसकी कीमत अपनी जान देकर चुका रही है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और प्रभावित महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा तथा उचित मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में सुशासन नहीं बल्कि अव्यवस्था का माहौल है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जनता को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और जवाबदेही तय होने तक संघर्ष जारी रखेगी।