लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे, न्यायालय बुलाएगा संबंधित विभागों को
भरतपुर।
अब आमजन को पानी, बिजली, सड़क, बैंक व डाक जैसी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। भरतपुर में स्थाई लोक अदालत के माध्यम से लोग सीधे अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे, जिन पर न्यायालय सुनवाई कर संबंधित विभागों को तलब करेगा और समस्या का निपटारा करेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमजोर व वंचित वर्ग को उनका अधिकार दिलाना है।
आसानी से मिलेगा न्याय – “जाने दो” मानसिकता को खत्म करना उद्देश्य
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (सेकेट्री) आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आमजन वर्षों से पानी, बिजली, सड़क, बैंकिंग और डाक सेवाओं जैसी समस्याओं से जूझता रहा है। परेशान होकर लोग अक्सर कहते हैं— “जाने दो”, लेकिन स्थाई लोक अदालत इस मानसिकता को खत्म करना चाहती है। अब कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या को सीधे अदालत में रख सकता है।
हर जिला स्तर पर चलती है स्थाई लोक अदालत
अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक जिले में एक स्थाई लोक अदालत संचालित होती है, जो प्रतिदिन कार्य करती है। कोई भी व्यक्ति यहां अपनी समस्या के समाधान के लिए एक साधारण आवेदन (अर्जी) पेश कर सकता है। इसके बाद अदालत संबंधित विभाग—चाहे वह सरकारी हो या किसी लोक उपयोगी सेवा से जुड़ा—को नोटिस जारी कर सुनवाई में बुलाती है।
राजीनामा न होने पर अदालत सुनाएगी फैसला
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास किया जाता है। यदि राजीनामा नहीं होता, तो स्थाई लोक अदालत मामले पर अपना निर्णय भी दे सकती है। इस प्रकार आमजन अपनी रोजमर्रा की समस्याओं से त्वरित और सरल तरीके से छुटकारा पा सकता है।
जागरूकता अभियान भी शुरू
अधिकांश लोगों को स्थाई लोक अदालत की जानकारी नहीं है, इसलिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत लिखकर भेज सकता है। यदि कोई सीधे कार्यालय पहुंचता है, तो उसकी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर व जरूरतमंद वर्ग को न्याय दिलाना और उनके अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

















































