लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर । भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती पर सोमवार को कृषि महाविद्यालय, नागौर में 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में सटीक और विश्वसनीय आंकड़ों को प्रभावी नीति निर्माण एवं सुशासन की आधारशिला बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने प्रो. पी.सी. महालनोबिस के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी ने कहा कि विश्वसनीय आंकड़े ही योजनाओं और नीतियों को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में डेटा केवल रिकॉर्ड का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की वास्तविक तस्वीर और शासन की कार्ययोजना का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सांख्यिकी कर्मियों से निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक मिसाराम प्रजापत ने राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, स्वच्छता, उपभोक्ता व्यय, घरेलू पर्यटन और अन्य सामाजिक-आर्थिक विषयों से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े एकत्र किए जाते हैं, जिनका उपयोग नीति निर्माण, अनुसंधान और राष्ट्रीय आय के आकलन में होता है।
उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी राम कुमार राव ने प्रो. पी.सी. महालनोबिस के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारत में बड़े पैमाने पर नमूना सर्वेक्षण की मजबूत नींव रखी और सांख्यिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पद्धतियों का विकास किया।
कार्यशाला के दौरान जिले एवं ब्लॉक स्तर की एसडीजी स्टेट्स रिपोर्ट-2026, जिला एवं ब्लॉक फोल्डर तथा रूपरेखा का विमोचन किया गया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सांख्यिकी अधिकारी संजय कुमार सोनी, प्रोग्रामर जयदीप चारण, सहायक लेखाधिकारी रामेश्वरलाल तांडी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी मनीषा तथा सांख्यिकी निरीक्षक सहदेव डूकिया को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 83 वर्षीय सेवानिवृत्त सहायक सांख्यिकी अधिकारी नन्दकिशोर शर्मा रहे, जिन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर उनका शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।
