लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भारतीय मजदूर संघ का देशव्यापी प्रदर्शन
जयपुर में हजारों श्रमिकों ने निकाली रैली, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जयपुर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर राजस्थान सहित देशभर में श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। जयपुर में भारतीय मजदूर संघ जिला जयपुर के नेतृत्व में विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंक, डाक, बीमा, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संविदा कर्मचारियों, योजना कर्मियों और असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिकों ने रैली में भाग लिया।
राम मंदिर, पुराना पावर हाउस और रेलवे स्टेशन क्षेत्र से शुरू हुई रैली दोपहर 12 बजे जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां यह एक विशाल सभा में तब्दील हो गई। सभा के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
राष्ट्रहित, उद्योगहित और श्रमिकहित के समन्वय की बात
सभा को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ का मूल दर्शन “राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं श्रमिकहित” के समन्वय पर आधारित है। संगठन मानता है कि राष्ट्र मजबूत होगा तो उद्योग मजबूत होंगे और उद्योग मजबूत होंगे तो श्रमिकों का जीवन भी समृद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ संघर्ष की राजनीति के बजाय सकारात्मक सहयोग की नीति पर कार्य करता है, लेकिन जब श्रमिकों के हितों की उपेक्षा होती है तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटता।
श्रमिकों की 11 प्रमुख मांगें
प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों के लिए 11 प्रमुख मांगें रखीं—
- राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया जाए।
- ईएसआईसी (ESIC) की वेतन सीमा 21,000 से बढ़ाकर 42,000 रुपये की जाए।
- ईपीएफ (EPF) की वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये की जाए।
- न्यूनतम ईपीएफ पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह की जाए और महंगाई राहत लागू हो।
- बोनस पात्रता की वेतन सीमा 42,000 रुपये की जाए।
- योजना कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।
- संविदा कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिले।
- श्रमिक विरोधी प्रावधानों को समाप्त किया जाए।
- बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किया जाए।
- ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की जाए।
- बोनस गणना के लिए अधिकतम वेतन सीमा 18,000 रुपये निर्धारित की जाए।
बढ़ती महंगाई से श्रमिक परेशान
भारतीय मजदूर संघ के मीडिया प्रभारी अक्षय कुमार मीना ने कहा कि बढ़ती महंगाई, अस्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा की सीमित उपलब्धता और वेतन संबंधी विसंगतियों के कारण श्रमिक वर्ग गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि देश के करोड़ों श्रमिकों को राहत मिल सके।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी और श्रमिक
रैली एवं सभा में जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह गुर्जर, जिला मंत्री महेंद्र सैनी, मालीराम स्वामी, हरिमोहन चांदक, रामविलास, कैलाश शर्मा, अशोक पांडे, गोपाल लाल मीणा, मुरारी लाल शर्मा, अजय सक्सेना, हेमशंकर, उर्मिला मंदोतिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रमिक उपस्थित रहे।