लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सवाई माधोपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क से एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशी की बड़ी खबर सामने आई है। पार्क की मशहूर बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ ने दो शावकों को जन्म दिया है। इस खबर से रणथंभौर के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघिन सुल्ताना को मिश्रदर्रा क्षेत्र के पास अपने शावकों को मुंह में दबाकर सुरक्षित स्थान की ओर शिफ्ट करते हुए देखा गया। शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एहतियातन गणेश मंदिर मार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया।
बाघिन सुल्ताना के शावकों के साथ जंगल की ओर रवाना होने के बाद मार्ग को पुनः खोल दिया गया। इस दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने शावकों के जन्म की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघिन और उसके शावकों की लगातार निगरानी (मॉनिटरिंग) की जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि रणथंभौर में उनके कार्यभार संभालने के बाद यह लगातार दूसरी बड़ी खुशखबरी है।
वन विभाग का कहना है कि शावकों के स्वस्थ होने और सुरक्षित वातावरण में पलने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। रणथंभौर में बाघों की संख्या बढ़ना वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
