लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
युवा दिवस पर नई पीढ़ी को दें नए कानूनों की जानकारी, कराएं थानों की विजिट
राजस्थान पुलिस अकादमी को देश में उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा
दो वर्षों में अपराधों में 15% कमी, कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार
जयपुर | (रूपनारायण सांवरिया)।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सुदृढ़ कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने औपनिवेशिक मानसिकता पर आधारित पुराने कानूनों को बदलकर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए हैं, जिससे त्वरित न्याय की अवधारणा मजबूत हुई है और आमजन का विश्वास बढ़ा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित ‘विकसित भारत में पुलिस व्यवस्था’ विषयक राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2023 की तुलना में कुल अपराधों में 15 प्रतिशत, हत्या के मामलों में 25 प्रतिशत, लूट में 50 प्रतिशत, महिला अत्याचार में 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार के मामलों में 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
राजस्थान पुलिस अकादमी को देश में पहला स्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण में किए गए नवाचारों के चलते राजस्थान पुलिस अकादमी को भारत सरकार के क्षमता संवर्धन आयोग द्वारा देश का उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान घोषित किया गया है। यह उपलब्धि प्राप्त करने वाली यह देश की पहली पुलिस अकादमी बनी है। उन्होंने पुलिस कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इसी समर्पण भाव से राष्ट्र एवं समाज की सेवा करते हुए नई आपराधिक न्याय प्रणाली के क्रियान्वयन में राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाएं।
युवा दिवस पर थानों की विजिट कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 12 जनवरी (युवा दिवस) पर विद्यार्थियों को थानों की विजिट कराई जाए तथा उन्हें नए कानूनों, पुलिस कार्यप्रणाली, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा और पुलिसिंग से संबंधित जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के तहत 7 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य की जा रही है और एफआईआर से लेकर न्यायालय के निर्णय तक की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।
संगठित अपराध और नशे पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संगठित अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स के समर्थन में होने वाली गतिविधियों की निरंतर स्क्रीनिंग की जाए। साथ ही, नशे की तस्करी को जड़ से खत्म करने और साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट व ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
बेहतर कानून व्यवस्था से निवेश को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था से ही विकास और निवेश संभव है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश का सुरक्षित वातावरण बना है।
पुलिस कल्याण के लिए बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड, 350 करोड़ रुपये की लागत से सरदार पटेल सेंटर फॉर साइबर कंट्रोल रूम एवं राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना की जा रही है। कांस्टेबल से एएसआई तक वर्दी भत्ता और निरीक्षक स्तर तक मैस भत्ते में वृद्धि की गई है। इसके साथ ही करीब 60 करोड़ रुपये की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग और तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने, संवेदनशीलता के साथ पुलिसिंग करने और एआई व तकनीक के माध्यम से खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष से अधिक सेवा अनुभव वाले अधिकारी एक-एक थाने को गोद लें और वरिष्ठ अधिकारी हर वर्ष कम से कम 100 घंटे प्रशिक्षण में दें।
कार्यक्रम में हुए महत्वपूर्ण शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ई-विजिटर्स पोर्टल, ई-जीरो एफआईआर का शुभारंभ किया तथा राजस्थान पुलिस प्राथमिकता–2026 पुस्तिका का विमोचन किया।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, डीजी प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल, आरपीए निदेशक संजीव कुमार नर्जरी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

















































