लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गंगधार ,झालावाड़ । झालावाड़ जिले के गंगधार कस्बे में रामनवमी के अवसर पर मनाया जाने वाला पारंपरिक महोत्सव इस वर्ष भी धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है। करीब डेढ़ सौ साल पुरानी इस परंपरा को आज भी कस्बे के युवा पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं।
रामनवमी के अवसर पर बीती रात चावड़ी बाजार स्थित मुख्य मंच पर भक्त प्रहलाद के नाटक का भव्य मंचन किया गया। नाटक में वराह अवतार, नृसिंह अवतार सहित कई पौराणिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप वध के दृश्य दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे।
नाटक देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और देर रात तक मंचन का आनंद लिया। नृसिंह लीला के दौरान कलाकारों की सजीव प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा और मधुर संगीत ने ऐसा माहौल बनाया कि दर्शकों को एक अद्भुत सांस्कृतिक अनुभव हुआ।
गंगधार रामनवमी मंडल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम वर्षों से निरंतर जारी है। मंडल के अध्यक्ष कौशल शर्मा ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत राजा दशरथ की सवारी के साथ होती है, जो बैंड-बाजों और भजन मंडलियों के साथ पूरे कस्बे में निकाली जाती है। इसके बाद मुख्य मंच पर नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि आज दशमी के अवसर पर सुभाष चौक में रात्रि 8:30 बजे रावण दहन किया जाएगा। इससे पूर्व चावड़ी बाजार से राम, लक्ष्मण और जानकी की सवारी निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई दहन स्थल तक पहुंचेगी।
पूर्व सरपंच राजेश नीमा ने बताया कि इस परंपरा से जुड़े कई पुराने कलाकार अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा उपयोग की गई पोशाकें आज भी सुरक्षित रखी गई हैं। युवा पीढ़ी दस दिन पहले से ही नाटक की तैयारियों में जुट जाती है।
बॉक्स: अनोखी परंपरा—साल में दो बार रावण दहन
गंगधार कस्बे में दशहरा और नवरात्रि दोनों अवसरों पर रावण दहन की अनोखी परंपरा निभाई जाती है। वर्षों पुरानी इस परंपरा के तहत बांस और कागज से विशाल रावण के पुतले तैयार किए जाते हैं और हर नवरात्रि के बाद दशमी के दिन उनका दहन किया जाता है।






















































