लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजसमंद (गौतम शर्मा)। आर.के. राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में शुक्रवार को 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष “रामाश्रय” स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य वृद्धजनों को उनकी आयु से संबंधित बीमारियों के लिए एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे वृद्धजनों ने विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों से स्वास्थ्य जांच कराई और आवश्यक परामर्श व दवाइयां प्राप्त कीं।
शिविर का निरीक्षण अरुण कुमार हसीजा ने किया। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा स्टॉलों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं पर चर्चा की। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हेमंत बिंदल तथा प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश रजक भी मौजूद रहे।
डॉ. रमेश रजक ने बताया कि शिविर में फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला विशेषज्ञ और फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा वृद्धजनों की विस्तृत जांच की गई। बढ़ती उम्र में होने वाली समस्याओं जैसे याददाश्त में कमी, दृष्टि दोष, जोड़ों और घुटनों का दर्द, सुनने में परेशानी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की जांच कर आवश्यक उपचार और परामर्श दिया गया।
शिविर में वृद्धजनों की ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य जरूरी रक्त जांच भी की गई। पात्र लोगों को चश्मे उपलब्ध कराए गए तथा सुनने से जुड़ी समस्याओं के लिए परामर्श दिया गया। चिकित्सकों ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, दवाइयों के समय पर सेवन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी।
इसके साथ ही शिविर में दिव्यांगजन प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया और आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटल रूप से संधारण हो सके।
प्रशासन ने बताया कि जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10 बिस्तरों का अलग “रामाश्रय वार्ड” भी संचालित किया जा रहा है, जहां 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों को विशेष चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य सरकार की पहल पर आयोजित ऐसे शिविर वृद्धजनों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें एक ही स्थान पर कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिल जाती हैं।



















































