लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
एबीडीएम और आईएचएमएस के क्रियान्वयन से मजबूत हुई स्वास्थ्य सेवाएं
जयपुर/नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति लाई जा रही है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और इंटिग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (IHMS) के सफल क्रियान्वयन से मरीजों को अब रजिस्ट्रेशन से लेकर इलाज, फार्मेसी और लैब रिपोर्ट तक की सभी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही हैं।
लाखों संस्थान और स्वास्थ्य कर्मी जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म से
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य में 19 हजार से अधिक सरकारी और 24 हजार से अधिक निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण किया जा चुका है। साथ ही 85 हजार से अधिक सरकारी डॉक्टर, नर्स व फार्मासिस्ट तथा 16 हजार से अधिक निजी स्वास्थ्य कार्मिक हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकृत हो चुके हैं।
राज्य में अब तक 24,546 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान इस मिशन में कम्प्लायंट हो चुके हैं, जिससे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव से बढ़ावा
राठौड़ ने बताया कि डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के तहत अब तक 5948 सरकारी और 188 निजी संस्थानों का पंजीकरण किया गया है। इन संस्थानों को हेल्थ रिकॉर्ड लिंक करने पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिसके तहत अब तक 19.5 करोड़ रुपये से अधिक का इंसेंटिव दिया जा चुका है।
5 हजार से अधिक अस्पतालों में IHMS लागू
प्रदेश के 5 हजार से अधिक सरकारी अस्पतालों में IHMS सॉफ्टवेयर संचालित किया जा रहा है, जिससे मरीजों को पंजीकरण, दवा वितरण और जांच रिपोर्ट प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। एडमिशन-डिस्चार्ज और लैब मॉड्यूल के जरिए सभी जानकारी अब डिजिटल रूप से उपलब्ध हो रही है।
ABHA आईडी से सुरक्षित मेडिकल रिकॉर्ड
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया कि ABDM के तहत हर नागरिक को 14 अंकों की यूनिक ABHA हेल्थ आईडी दी जा रही है। इस आईडी में मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री सुरक्षित रहती है और बिना अनुमति कोई भी इसे नहीं देख सकता। इससे डॉक्टरों को सही समय पर सही इलाज देने में आसानी होती है।
नीतियां बनाने में मिल रही मदद
IHMS सॉफ्टवेयर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार किए जा रहे हैं, जिससे सरकार को डेटा एनालिटिक्स के जरिए बेहतर स्वास्थ्य नीतियां बनाने और संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने में मदद मिल रही है।
सॉफ्टवेयर उपयोग की समय-सीमा बढ़ी
राज्य सरकार ने ABDM कम्प्लायंट सॉफ्टवेयर के उपयोग की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी है, ताकि सभी संस्थान सुचारू रूप से इस प्रणाली को लागू कर सकें।
करोड़ों नागरिकों की बनी ABHA आईडी
राज्य में अब तक 6 करोड़ 82 लाख से अधिक ABHA आईडी बनाई जा चुकी हैं, जिससे राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। वहीं 5 करोड़ 43 लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं।
PCTS भी होगा जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ा
पीसीटीएस सॉफ्टवेयर को भी जल्द ही ABDM कम्प्लायंट बनाया जाएगा, जिससे गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड सीधे मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेंगे।
यह पहल राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।



















































