Home latest राजस्थान में बछ बारस पर्व की धूम

राजस्थान में बछ बारस पर्व की धूम

0

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

महिलाओं ने गाय-बछड़े की पूजा कर मांगी संतान की लंबी उम्र

भीलवाड़ा/राजस्थान। पूरे राजस्थान में आज बछ बारस का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। परंपरागत रूप से यह पर्व माताएं अपने पुत्र की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए मनाती हैं।

भीलवाड़ा जिले के गुरलां गांव सहित विभिन्न कस्बों और शहरों में महिलाओं ने सुबह से ही गाय और उसके बछड़े की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर महिलाओं ने व्रत रखकर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा की और संतान की लंबी उम्र तथा परिवार की खुशहाली की कामना की।

पूजा-व्रत और परंपराएं

बुजुर्गों के अनुसार, बछ बारस की पूजा केवल पुत्रवती महिलाएं ही करती हैं। इस दिन महिलाएं गाय के दूध से बने किसी भी उत्पाद का सेवन नहीं करतीं और गेहूं या लोहे से काटे गए अन्न का प्रयोग भी वर्जित होता है। महिलाएं मक्का, ज्वार और बाजरे के आटे से बने व्यंजन खाती हैं और गाय को मक्का की रोटी खिलाती हैं।

गुरलां कस्बे में मायला बाजार बड़े मंदिर के पास महिलाओं ने कथा वाचक मीरा सेन द्वारा सुनाई गई बछ बारस की कथा भी सुनी। वहीं, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई और श्रद्धालुओं ने गायों को हरा चारा खिलाकर पुण्य अर्जित किया।

परंपरागत आस्था और उल्लास

बछ बारस पर्व से जुड़ी अनेक दंतकथाएं आज भी ग्रामीण और शहरी जीवन में प्रचलित हैं। महिलाएं इस अवसर पर व्रत रखकर, कथा सुनकर और गाय-बछड़े की पूजा कर परंपराओं का निर्वहन करती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाएं उपवास तोड़ते समय पारंपरिक व्यंजन ग्रहण करती हैं।

भीलवाड़ा सहित पूरे राजस्थान में बछ बारस का त्योहार आस्था, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version