लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक): पुत्रदा एकादशी के अवसर पर शहर के मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की धूम रही। प्रमुख मंदिरों जैसे चारभुजा नाथ, राम रघुनाथ, छप्पन जी महाराज, प्याल के बालाजी और सत्यनारायण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
सुबह से भव्य धार्मिक तैयारी
श्रद्धालु महिलाओं ने मंदिर की सीढ़ियों को धोकर दीपक जलाए और पुष्प अर्पित किए। भगवान की विशेष पूजा अर्चना और भजन-कीर्तन के साथ 108 परिक्रमा की गई। परिक्रमा के बाद महिलाएं मंदिर परिसर में बैठकर भजनों के माध्यम से प्रभु के गुणगान में लीन रहीं।
कथा और झांकी का आयोजन
पंडित अमित भारद्वाज ने राम रघुनाथ जी की झांकी सजाई और श्रद्धालु महिलाओं को एकादशी की कथा सुनाई। राम रघुनाथ मंदिर के रमेश जांगिड़ ने बताया कि पुत्रदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस व्रत के पालन से निसंतान दंपतियों को संतान सुख मिलता है, कुल वृद्धि होती है, पाप और कष्टों का निवारण होता है, आरोग्य मिलता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उपवास और समाज सेवा
श्रद्धालु महिलाओं ने दिनभर उपवास रखा और शाम को फलाहार कर उपवास खोला। इस अवसर पर विश्व शांति और परिवार के कल्याण की कामना भी की गई। लोगों ने बावड़ी के चौक में गायों को हरा चारा खिलाया।
चारभुजा नाथ मंदिर में चारभुजा सत्संग समिति द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।
















































