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प्रतिष्ठित 29वें भामाशाह सम्मान समारोह में हिन्दुस्तान जिंक को 6 पुरस्कार

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

शिक्षा विभूषण सम्मान के साथ रामपुरा आगुचा माइन का प्रदेश में तीसरा स्थान

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सीएसआर योजना में 2017 से अब तक 430 करोड से अधिक का योगदान

भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड को 29वें भामाशाह सम्मान समारोह में 6 इकाईयों को सम्मानित किया गया। भामाशाह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक़ के रामपुरा आगुचा माइन, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर, जावर माइन्स, राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स, जिंक स्मेल्टर देबारी को शिक्षा विभूषण एवं कायड माइन को शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक योगदान के लिए शिक्षा भूषण प्रदान किया गया। यह लगातार 10वां वर्ष है जब राजस्थान सरकार ने परिवर्तनकारी शैक्षिक पहलों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए हिंदुस्तान जिंक को सम्मानित किया है। कंपनी ने 2017 से विभिन्न शिक्षा हस्तक्षेपों में 430 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जिससे सालाना 2 लाख से अधिक बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।

यह पुरस्कार माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिलाा सभागार में आयोजित पुरस्कार समारोह में माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, प्रमुख सचिव शिक्षा कृष्ण कुणाल, विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति विश्व मोहन श्रीवास्तव, सीताराम जाट, अनुपमा जोरवाल ने यह पुरस्कार दिये। जिसे हिन्दुस्तान जिंक की इकाइयों रामपुरा आगुचा माइन के आइबीयू सीईओ राममुरारी, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के यूनिट हेड अमित सुराणा, दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के आइबीयू सीईओ बलवंत सिंह राठौड, जावर माइंस के आइबीयू सीईओ अंशुल खण्डेलवाल, देबारी जिंक स्मेल्टर के हेड ऑपरेशंस मुकेश कुमार एवं कायड माइंस के मान मैनेजर अंकुर माण्डावत एवं सीएसआर टीम ने प्राप्त किया। विगत आठ वर्षों में, हिन्दुस्तान जिंक ने शिक्षा के क्षेत्र में सीएसआर के तहत् सामाजिक विकास में 430 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर 80 करोड़ रुपये जिनमें कक्षा कक्षों का निर्माण, शौचालय, खेल के मैदान, पीने के पानी की सुविधाएं और विद्युतीकरण और दीर्घकालिक शिक्षा प्रयासों हेतु 350 करोड़ रुपये शामिल हैं।

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