लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गंगापुर सिटी सवाई माधोपुर बनी सिंह मीना
गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर – अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फर्ज़कारी (झूठे दस्तावेज/पंजीकरण) के एक मामले में सरकारी चिकित्सक, मेल नर्स और एक अन्य व्यक्ति सहित तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
दोषियों की पहचान
अदालत ने दोषी पाए:
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डॉ. रमेश चंद मीना पुत्र बत्तीलाल मीना, निवासी छोटी उदेई, वर्तमान में जिला चिकित्सालय गंगापुर सिटी में पदस्थ।
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अनिल कुमार पुत्र हरिचरण, निवासी बड़ौली।
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भगवान सहाय पुत्र घमण्डी मीना, निवासी फलवाड़ा, थाना वजीरपुर।
परिवादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पीपी राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने पैरवी की।
मामला क्या है
परिवादी, तत्कालीन सरपंच छोटेलाल (ग्राम फलवाड़ा, पेपट), ने अदालत में बताया कि मार्च 2012 में सरकारी कार्य के दौरान शाम लगभग 5 बजे घमण्डी, गिर्राज, कैलाश, भगवान सहाय, प्रेमराज, छिंगा और चार महिलाओं ने उन पर लाठी-सरिए से हमला किया। इस दौरान उनका बैग भी छीन लिया गया।
परिवादी के पुत्र सुरेश जब मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस मारपीट के दौरान सुरेश के सिर और पैर में फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित ने घटना की रिपोर्ट थाना वजीरपुर में दर्ज कराई।
फर्ज़कारी का मामला
मुकदमे से बचने के लिए आरोपी भगवान सहाय, जो रेलवे कर्मचारी हैं, ने पहले खुद को ड्यूटी पर होने का दावा किया। जब यह साबित नहीं हो सका, तो उन्होंने अपने रिश्तेदार डॉ. रमेश चंद मीना से सांठगांठ कर वजीरपुर पीएचसी के इंडोर रजिस्टर में 11 मार्च 2012 को खुद को भर्ती मरीज के रूप में दर्ज करवाया। इसी फर्ज़कारी को अदालत ने सजा का आधार माना।








































