लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
आईआईटी जोधपुर और रूमा देवी फाउंडेशन के बीच एमओयू हस्ताक्षरित
जोधपुर। आईआईटी जोधपुर कैंपस में जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन (JCKIF), निफ्ट और एफडीडीआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नवसृजन डिजाइन इनोवेशन कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रूमा देवी ने कहा कि “परम्परागत शिल्प कलाओं को वैश्विक बाजार दिलाने के लिए तकनीक का समावेश आवश्यक है।”
उन्होंने टेक्सटाइल और लेदर क्षेत्र के 100 चयनित दस्तकारों को भारत सरकार की योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रो. डॉ. अविनाश कुमार अग्रवाल (निदेशक, JCKIF), प्रो. डॉ. जी.एच.एस. प्रसाद (निदेशक, निफ्ट), अनिल कुमार (कार्यकारी निदेशक, एफडीडीआई), डॉ. आकांक्षा चौधरी और रविवीर चौधरी (कार्यालय हस्तशिल्प विकास आयुक्त, जोधपुर) ने भी दस्तकारों को संबोधित किया।
आईआईटी जोधपुर और रूमा देवी फाउंडेशन के बीच एमओयू
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन और रूमा देवी फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह एमओयू नवाचार, उद्यमिता और विज्ञान-आधारित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
इसके तहत हस्तशिल्प क्षेत्र में ज्ञान का आदान-प्रदान, संयुक्त आयोजन, और अनुसंधान एवं इनक्यूबेशन सुविधाओं का साझा उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे पारंपरिक कारीगरों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंच मिल सकेगी।











































