लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भैयाजी जोशी ने गौ संवर्धन पर दिया मार्गदर्शन
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गौ सेवा को आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक, किसानों को लाभदायक व्यवसाय के रूप में गाय पालन अपनाने की दी सलाह
भीलवाड़ा: परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान, नौगावां में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह कार्यवाहक भैयाजी जोशी ने गाय की सेवा और गौ संवर्धन पर जोर देते हुए नई सोच प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भविष्य में गौ सेवा को केवल जीव दया तक सीमित न रखकर, इसे वैज्ञानिक तर्कों और लाभकारी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
भैयाजी जोशी ने बैठक में स्पष्ट किया कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को गाय पालन एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा, “जब किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा तभी गौशालाओं की निर्भरता कम होगी और गौ संवर्धन का वास्तविक लक्ष्य सफल होगा।”
भैयाजी जोशी ने पंचगव्य चिकित्सा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय के दूध, दही, घी, मूत्र और गोबर से बनने वाली औषधियों को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ विश्व स्तर पर प्रस्तुत करना होगा, ताकि उनका व्यापक प्रचार-प्रसार हो और लोग इसके लाभ जान सकें।
बैठक के पूर्व, भैयाजी जोशी ने गौशाला परिसर में स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन किए और हाथों से गायों को लापसी खिलाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक रमेश अग्रवाल, प्रचारक प्रमुख सुरेश भाई, विभाग प्रचारक दीपक भाई, और संस्थान के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद अग्रवाल, सचिव सत्य प्रकाश गगड़, कोषाध्यक्ष हेमंत मानसिंहका सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों और समाजसेवियों के अनुसार, यह बैठक गौ संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में एक नई दिशा और दृष्टिकोण देने वाली मानी जा रही है।
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भैयाजी जोशी ने गौ सेवा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने का मंत्र दिया।
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किसानों को लाभदायक व्यवसाय के रूप में गाय पालन अपनाने की सलाह।
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पंचगव्य चिकित्सा और गाय के उत्पादों का विश्व स्तर पर प्रचार आवश्यक।
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गौशाला में निरीक्षण और गायों को हाथों से लापसी खिलाकर श्रद्धा व्यक्त की।
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बैठक में संघ और संस्थान के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित।


















































