लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। देश के पांच राज्यों केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडू और पंश्चिमी बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत अहम है। चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आते है तो कांग्रेस की कई राज्यों में लगातार हार के बाद वापसी मानी जाएगी और इससे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश का संचार होगा। खराब प्रदर्शन होने पर कांग्रेस में बिखराव हो सकता है, पार्टी भी कमजोर होगी। वहीं बीजेपी के लिए चुनाव जीतना या गठबंधन का सफलता मिलना दोनों बेहतर होगा क्योंकि उनकी असम में सरकार है अन्य राज्यों में बीजेपी को अच्छी फरफोरमेंस की उम्मीद है।
- केरलम, असम और पुडुचेरी में 9 मार्च यानी आज मतदान हो रहा है । अन्य दो राज्यों में कहीं प्रचार थम गया तो कहीं पर मतदान की तैयारी चल रही है। केरलम, असम और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है और आज कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हो रहा है। अब कांग्रेस – बीजेपी का पुरा फोकस तमिलनाडु और बंगाल में प्रचार पर रहेगा। इन पांच राज्यों में कांग्रेस , बीजेपी ने नेताओँ ने पुरी ताकत झौंकी है। पश्चिमी बंगाल को जीतने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह की साख दांव पर लगी है और उन्होंने पुरी ताकत लगाई है। कांग्रेस के राहुल गांधी ने यहां गठबंधन सरकार के लिए प्रचार किया। अब बात करते हैं आखिर इन पांच राज्यों के चुनाव से कांग्रेस पार्टी की सियासत पर क्या फर्क पड़ेगा. दरअसल इन राज्यों की चुनावी लड़ाई कांग्रेस के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है. । क्योंकि लगातार कईं राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा. खासतौर से महाराष्ट्र,दिल्ली और हरियाणा में मिली शिकस्त से कांग्रेस काफी कमजोर हो चुकी है । ऐसे में सियासी बूस्ट अप के लिए कांग्रेस अब इनमें से कुछ राज्यों में जीत हासिल करते हुए वापसी करना चाहती है । जिससे कांग्रेस पार्टी के टूट चुके या हताश हो रहे कार्यकर्ताओं में जोश का संचार हो सके। कांग्रेस के नेता भी काफी कमजोर हो चुके है । लगातार सत्ता से दूर रहने के कारण पार्टी चलाना भी मुश्किल हो रहा है। का्ंग्रेस को सबसे ज्यादा सत्ता लौटने की उम्मीद केरल से है। कांग्रेस ने केरल में पुरी ताकत झौंकी है। केरलम में कांग्रेस की सत्ता की लड़ाई है एलडीएफ से , असम में भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी लड़ाई है। लेकिन यहां बीजेपी काफी भारी नजर आ रही है। असम हेमंत बिस्वा शर्मा लंबे समय से सीएम है। कांग्रेस यहां उलटफेर करने का दावा कर रही है । तमिलनाडू में कांग्रेस डीएमके के साथ में गठबंधन में चुनाव लड़ रही है । यहां कांग्रेस छोटे भाई की भूमिका निभा रही है। पश्चिमी बंगाल में ममता और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है। यहां कांग्रेस का जनाधार ममता के साथ है। कांग्रेस का खाता खुल जाए तो बड़ी बात है।

पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन की सरकार है और एनडीए से तगड़ी टक्कर है । कांग्रेस यहां वापसी के लिए संघर्ष कर रही है । सियासी जानकारों की माने तो इन पांच राज्यों में से दो राज्यों में भी कांग्रेस वापसी कर लेती है तो ये कांग्रेस के लिए बड़ी जीत मानी जाएगी। और कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में बुस्टअप का काम करेगा। तमिलनाडू में जरुर गठबंधन में डीएमके की सरकार थी। यहां अच्छा प्रदर्शन करने पर इंडिया गठबंधन में कांग्रेस मजबूत होगी और राहुल गांधी की पार्टी पर पकड़ भी मजबूत होगी। लेकिन नतीजे विपरीत रहने पर जवाबदेही बढ़ जाएगी। फिर कांग्रेस में बिखराव की संभावना बढ़ जाएगी। बीजेपी का यहां जितना वोट प्रतिशत बढ़ेगा पार्टी को मजबूती देगा क्योंकि देश के 21 राज्यों में वर्तमान में बीजेपी या बीजेपी गठबंधन की सरकारें है।





















































