लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अखंड ज्योत के स्वागत से गूंजा पादूकलां
कोलूमंड से पहुंची अखंड ज्योत का बैंड-बाजों से भव्य स्वागत, राजस्थानी वेशभूषा में सजे समाजजन; चारभुजा मंदिर के पास पूजा-अर्चना कर चूरमे का लगाया विशेष भोग
पादूकलां। कस्बे में रविवार को लोकदेवता पाबूजी महाराज का जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सैन मोहल्ले में धांधल नवयुग मंडल के तत्वावधान में कोलूमंड स्थित पाबूजी महाराज की जन्मस्थली से विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद लाई गई अखंड ज्योत का बैंड-बाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहीं चारभुजा मंदिर के पास स्थित पाबूजी महाराज के स्थान पर भी जन्मोत्सव को लेकर धार्मिक आयोजन हुए। दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पाबूजी महाराज के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।
राजस्थानी परंपरा के साथ हुआ अखंड ज्योत का स्वागत
कोलूमंड से अखंड ज्योत लेकर पादूकलां पहुंचे धांधल (सैन) समाज के युवाओं का समाजजनों ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। आयोजन में समाज के युवा, वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं राजस्थानी वेशभूषा में नजर आईं। पुरुषों ने पगड़ी के साथ सफेद पोशाक धारण की, जबकि महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर मंगलगीत गाती हुई शामिल हुईं।
अखंड ज्योत के पहुंचते ही पाबूजी महाराज के जयकारों से सैन मोहल्ला गूंज उठा। बैंड-बाजों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, काटा केक
जन्मोत्सव के दौरान पाबूजी महाराज के भजनों और लोकगीतों की प्रस्तुतियां हुईं। भजनों पर युवा और श्रद्धालु जमकर झूमे। देर तक आयोजन स्थल पर भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। धांधल नवयुग मंडल की ओर से केक काटकर पाबूजी महाराज का जन्मदिवस मनाया गया। इस दौरान समाजजनों ने एक-दूसरे को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
चारभुजा मंदिर के पास हुई पूजा-अर्चना
चारभुजा मंदिर के पास स्थित पाबूजी महाराज के स्थान पर भी सुबह से जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई थीं। शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। पाबूजी महाराज की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया और मंदिर परिसर को सजाया गया।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धूप-दीप प्रज्वलित किए। इसके बाद सामूहिक आरती हुई। आरती में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पाबूजी महाराज के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
चूरमे का लगाया विशेष भोग
जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं की ओर से चूरमे का विशेष भोग लगाया गया। पूजा-अर्चना और आरती के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर लोकदेवता पाबूजी महाराज की आराधना की।
देर शाम तक दोनों आयोजन स्थलों पर भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने पाबूजी महाराज के दर्शन कर क्षेत्र में सुख-शांति, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की। आयोजन में धांधल (सैन) समाज के वरिष्ठ नागरिक, युवा, महिलाएं सहित बड़ी संख्या में समाजजन और ग्रामीण मौजूद रहे। धार्मिक आस्था के साथ आयोजनों में राजस्थान की लोक परंपरा और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला।