लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
विद्या निकेतन में तुलसी–शालिग्राम विवाह, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया भाग
गौतम शर्मा, राजसमंद।
राजसमंद जिले के कुंवारिया कस्बे में रविवार को भक्ति, उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब पांच मंदिरों के भगवान एक साथ तुलसी विवाह के साक्षी बने। बड़े चारभुजा नाथ मंदिर से ठाकुरजी की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें गढ़वाले चारभुजा नाथ, सत्यनारायण भगवान मंदिर, मूंदड़ा मंदिर और यादव मोहल्ले के श्रीकृष्ण भगवान भी बाराती बनकर शामिल हुए।
जयकारों से गूंजा कुंवारिया, आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान
भक्ति संगीत और डिजे की धुनों पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया। गलियों में जयकारों की गूंज और महिलाओं के मंगल गीतों से पूरा कस्बा आस्था से सराबोर नजर आया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया, जबकि रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने आकाश को आलोकित कर दिया।
तुलसी–शालिग्राम विवाह में उमड़ा जनसैलाब
विद्या निकेतन स्कूल परिसर में विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जहां गायत्री परिवार के विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तुलसी संग शालिग्राम भगवान के विवाह की विधि संपन्न कराई।
इस दौरान आयोजित 25 कुंडीय यज्ञ में 170 जोड़ों ने आहुतियां दीं। विवाह के फेरे के समय महिलाओं ने “बन्नो मारो चारभुजा रो नाथ…” और “बनी मारी तुलसा लाडली…” जैसे पारंपरिक मंगल गीत गाकर वातावरण को धर्ममय बना दिया।
महिलाओं ने भेंट की चांदी की पांच गायें
समारोह में चारभुजा महिला मित्र मंडल की 150 महिलाओं ने तुलसी माता को मंगलसूत्र, चांदी के आभूषण, नारियल, तथा पांच मंदिरों के भगवान के लिए चांदी की पांच गायें भेंट कीं। तुलसी के हथलेवे में 31 हजार रुपये की नगद राशि अर्पित की गई।
श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद, हुआ महाप्रसाद
शालिग्राम भगवान की विशेष आरती के बाद श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में कुंवारिया, फियावड़ी, खंडेल, कांकरोली, गलवा, मादड़ी सहित आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
समारोह के अंत में सभी ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।