लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
गिरिराज खैरीवाल बने फेडरेशन के सचिव, हेमलता शर्मा अध्यक्ष चुनी गईं
विजय कपूर, बीकानेर।
राज्य में निजी शिक्षण संस्थाओं के हितों की रक्षा और समान अधिकारों की मांग को लेकर अब गैर-सरकारी शिक्षण संस्थाएं एकजुट मंच पर आ गई हैं। राजस्थान के 12 राज्य स्तरीय निजी शिक्षण संगठनों ने मिलकर “प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन” का गठन किया है। यह फोरम स्वच्छ शिक्षा क्रांति मिशन के तहत गठित किया गया है।
उद्देश्य: भेदभाव खत्म कर प्राइवेट स्कूलों के हितों की रक्षा
फेडरेशन के सचिव बनाए गए पैपा (PAIPA) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों के साथ किए जा रहे भेदभाव को समाप्त करवाने और उनके हितों की रक्षा के लिए यह फेडरेशन संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि जयपुर के होटल ग्रांड सफारी में आयोजित मैराथन बैठक में 12 संगठनों के प्रतिनिधियों ने 10 प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और उनमें से 5 बिंदुओं पर प्राथमिकता से कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया।
इन मुद्दों में —
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शिक्षकों और स्टाफ को अवकाश के अधिकार की बहाली,
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छात्रों को टीसी जारी करने का अधिकार,
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आरटीई की यूनिट कॉस्ट में वृद्धि और बकाया भुगतान,
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फीस एक्ट की विसंगतियों को दूर करना, और
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डमी स्कूलों व कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई — प्रमुख रूप से शामिल हैं।
फेडरेशन की संरचना और पदाधिकारी
फेडरेशन की सर्वसम्मत बैठक में स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष हेमलता शर्मा (जयपुर) को अध्यक्ष, पैपा के गिरिराज खैरीवाल (बीकानेर) को सचिव तथा स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन (स्वराज) के प्रदेश अध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल (भरतपुर) को कोषाध्यक्ष चुना गया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में
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दिलीप पोखरना (चित्तौड़गढ़),
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भूपराम शर्मा (जयपुर),
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अमित सोगानी (जयपुर),
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डॉ. अनिल धानुका (सूरतगढ़) चुने गए।
उपाध्यक्ष पद पर
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भरत कुमार भाटी (ब्यावर),
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के. एन. भाटी (जालौर),
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मदनलाल वर्मा (झालावाड़),
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शिवहरि शर्मा (नाथद्वारा) नियुक्त हुए।
सह सचिव के रूप में
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जय शंकर त्रिवेदी (पाली),
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लोकेश जैन (देवली),
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डॉ. आनंद थोरी (बाड़मेर),
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लोकेश कुमार मोदी (बीकानेर) को जिम्मेदारी सौंपी गई।
7 सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स एवं एडवाइजरी बोर्ड का गठन
फेडरेशन के कोषाध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल ने बताया कि 7 सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, 7 सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड और 25 सदस्यीय प्रबंधकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एल. सी. भारतीय (जयपुर), कैलाश शर्मा (अजमेर), डॉ. महेंद्र कर्णावट (राजसमंद), एडवोकेट संजय शर्मा (कोटा), महेश गुप्ता (कोटा), डॉ. मुकेश माण्डन (जोधपुर) और डॉ. दिलीप मोदी (झुंझुनू) शामिल हैं।
एडवाइजरी बोर्ड में गोपीदास रामावत (पाली), बाबूलाल जुनेजा (हनुमानगढ़), विलियम डिसूजा (उदयपुर), रेणुदीप गौड़ (भरतपुर), विनेश शर्मा (नागौर), डॉ. रामवीर सिंह डागुर (भरतपुर) और सुभाष स्वामी (बीकानेर) को शामिल किया गया है।
शामिल संगठन
फेडरेशन में निम्न 12 राज्य स्तरीय संगठन शामिल हुए हैं —
स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ, राजस्थान प्राइवेट एजुकेशन महासंघ, प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स प्रॉस्पैरिटी एलायंस (PAIPA), स्कूल क्रांति संघ, स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन (स्वराज), इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संरक्षण समिति, न्यू ऑल राजस्थान स्कूल एसोसिएशन, गैर सरकारी विद्यालय वेलफेयर संगठन आदि।
इसके अलावा राष्ट्रीय संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (NISA) की राजस्थान इकाई ने भी फेडरेशन से जुड़ने की सहमति दी है।
आगामी रणनीति
फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप पोखरना ने बताया कि शीघ्र ही प्रदेश स्तर पर एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राजस्थान के सभी जिलों के शिक्षा प्रतिनिधियों को फेडरेशन से जोड़ा जाएगा।