लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। कस्बा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रबी सीजन के ठंडी हवाओं के बीच सरसों की फसल लहलहा उठी है। खेतों में पीले फूलों की सुनहरी छटा जैसे धरती ने पीली चुनरी ओढ़ ली हो, ग्रामीण अंचल को मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य से भर रही है।
किसानों का कहना है कि इस वर्ष समय पर की गई बुवाई, मिट्टी में पर्याप्त नमी और शुरुआती ठंड ने फसल की बढ़वार को विशेष लाभ पहुंचाया है। खेतों में घनी और मजबूत फसल देखकर किसान बेहतर उत्पादन को लेकर उत्साहित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, इस बार सरसों की बढ़वार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुंदर और मजबूत दिख रही है। यदि मौसम स्थिर रहा, तो दाना बनने की प्रक्रिया मजबूत होगी और पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।
कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर सिंचाई, कीट नियंत्रण और मौसम पर निगरानी से फसल में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है। किसान इन दिनों फसल की देखरेख में पूरी गंभीरता से जुटे हैं ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी या कीट से नुकसान न हो।
पीली चुनरी ओढ़े सरसों के खेत न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद दे रहे हैं, बल्कि किसानों के चेहरों पर भी उम्मीद और खुशी की नई रौनक लौटा रहे हैं।











































