नींदड़ आवासीय योजना को लेकर किसानों और सरकार के बीच सुलह के आसार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

-सरकार लिखित में 15 सूत्री मांगों को लेकर समझौता करेगी तो किसान देंगे अपनी जमीन

नींदड़ बचाओ किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर आम सभा

संघर्ष समिति ने पिछले 8 महीने में जेडीए व सरकार के स्तर पर हुई बातचीत का रखा ब्योरा

कैबिनेट में जाएंगा प्रस्ताव

जयपुर। पिछले 16 वर्षों से लंबित नींदड़ आवासीय योजना को लेकर किसानों और सरकार के बीच सुलह होने की उम्मीद है। किसानों की 15 सूत्री मांगों को मानते हुए अगर जेडीए व सरकार लिखित में समझौता करती है तो किसान जमीन देंगे,अन्यथा एक इंच जमीन भी नहीं देंगे।

नींदड़ बचाओ किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर रविवार को नींदड़ में किसानों व स्थानीय नागरिकों की आमसभा बुलाई गई जिसमें वर्षो से लंबित आवासीय योजना के मुद्दे पर बातचीत हुई। संघर्ष समिति ने पिछले काफी समय से जेडीए व सरकार के स्तर पर हुई बातचीत का ब्योरा रखा। इस दौरान संघर्ष समिति और किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि हमारी 15 सूत्री मांगों को लेकर सरकार लिखित में समझौता देती है तो जेडीए को नींदड़ में एंट्री देंगे। अगर नही देंगे तो एक इंच जमीन भी नहीं देंगे।

किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभाती लाल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि पिछले काफी समय से जेडीए व सरकार से इस मुद्दे के निस्तारण के लिए बातचीत की जा रही थी। इस बारे में डिप्टी सीएम दिया कुमारी, पूर्व जेडीसी आनंदी, विभागीय अधिकारियों और नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के साथ कई दौर की बातचीत हुई है, जिसमें अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा जेडीए स्तर पर जो मांगे पूरी नहीं हो सकती उन्हें पूरा करने के लिए राज्य सरकार कैबिनेट बैठक में लेकर करेगी। उन्होंने बताया कि जेडीए आवास योजना से प्रभावित किसानों को साथ लेकर दोबारा सर्वे करवाएं और वर्तमान दर से मुआवजा तय किया जाए। साथ ही जिन खातेदारों का मुआवजा जेडीए द्वारा कोर्ट में जमा करवाया गया है उन खातेदारों को नींदड़ आवास योजना में विकसित भूमि देने का विकल्प दें। प्रभावित किसानों को आवासीय योजना में 25% विकसित आवासीय भूमि व 10% विकसित व्यावसायिक भूमि दी जाए। इसके अलावा किसानों से कोई पट्टा शुल्क व अन्य शुल्क नहीं लिया जाए। प्रभावित किसानों के मकान को तोड़ा नहीं जाए अगर तोड़ते हैं तो उनका पुनर्वास की व्यवस्था की जाए सहित 15 सूत्री मांगे लिखित में मानने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश चंद बोहरा ने किसानों को अब तक की वार्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम दिया कुमारी के दखल से किसानों को उम्मीद बंधी है।

बलराम सिंह ने कहा कि सौहार्दपूर्ण माहौल में आम सभा हुई है किसानों में सरकार के बीच सहमति की उम्मीद है।

इस दौरान उपस्थित जनता ने सरकार की ओर से लिखित में 15 सूत्री मांगे माने जाने पर ही जमीन देंगे, इसके लिए हाथ खड़े कर सहमति जताई।

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