लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक नित्यानंद श्रीवास्तव शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले के सिलिकोसिस प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और संबंधित विभागों के साथ कलक्टर सभागार, नागौर में बैठक ली।
बैठक में उन्होंने जिले में पंजीकृत श्रमिकों की जानकारी प्राप्त की और सिलिकोसिस पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि, आवेदन प्रक्रिया, मेडिकल बोर्ड की गतिविधियां, नोडल ऑफिसर के कार्य, सिलिकोसिस पेंशन, खाद्य सुरक्षा योजना और पालनहार योजना के लाभ सहित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की।
सिलिकोसिस शिविर प्रभारी सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जुलाई 2022 से अब तक जिले में 6,465 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 258 सिलिकोसिस मरीजों का वेरिफिकेशन किया गया और 200 मरीजों को राज्य सरकार से भुगतान भी किया जा चुका है। मृत्यु के मामलों में 286 आवेदन नए पोर्टल पर प्राप्त हुए।
विशेष प्रतिवेदक श्रीवास्तव ने कहा कि माइनिंग क्षेत्रों में श्रमिकों को दी जाने वाली मास्क की गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए, पहनने और सांस लेने में आसान हो। उन्होंने सुझाव दिया कि फॉगिंग सिस्टम लागू किया जाए जिससे धूल कम हो और तापमान नियंत्रित रहे। इसके साथ ही छोटे माइनिंग व्यवसायियों को बेहतर माइनिंग का अवलोकन कर प्रेरित करने की बात कही।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिलिकोसिस केयर अभियान जैसी पहलों को और प्रभावी बनाया जाए, मृत्युपरांत मिलने वाली राशि समय पर दिलाने पर ध्यान दें और प्रदूषण नियंत्रण के लिए नवीन तकनीक अपनाएं।
बैठक में जिले के कलक्टर चंपालाल जीनगर, सब रजिस्ट्रार पेमाराम चौधरी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्रवण राव, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकिशोर सारण, जिला रसद अधिकारी अंकित पचार सहित श्रम, खनिज और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद श्रीवास्तव ने बड़ी खाटू माइनिंग क्षेत्र का निरीक्षण किया और वहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिलिकोसिस प्रमाणित मरीजों से उनकी समस्याओं को सुनकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


















































