लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
20 हजार मेहमानों के लिए 11 क्विंटल से अधिक मिठाइयाँ तैयार
नागौर। पंचम सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर इस बार भोजन व्यवस्था खास चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब 20 हजार मेहमानों के स्वागत के लिए आयोजन स्थल की विशाल रसोई में दिन-रात तैयारियां चल रही हैं। लगभग 150 हलवाई और सहयोगी महिलाएं 20 भट्टियों पर लगातार पकवान तैयार कर रही हैं।
यह भव्य आयोजन 19 फरवरी को नागौर में आयोजित होगा, जिसमें इस वर्ष तुलसी विवाह सहित 71 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह बंधन में बंधेंगे।
11 क्विंटल से अधिक मिठाइयाँ तैयार
अब तक करीब 7.70 क्विंटल गुलाब जामुन और 2.5 क्विंटल गोंद पाक तैयार किया जा चुका है। वहीं 18 फरवरी की सुबह 3 क्विंटल लापसी बनाई जाएगी। कुल मिलाकर 11 क्विंटल से अधिक मिठाइयाँ मेहमानों के लिए तैयार की जा रही हैं।
भोजनशाला का विशेष मेन्यू
भोजन व्यवस्थापक कृपाराम टाक के अनुसार इस बार तीन प्रमुख मिठाइयाँ बनाई जा रही हैं:
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गुलाब जामुन (770 किलो)
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1750 किलो शक्कर
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2 क्विंटल घी
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770 किलो मावा
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गोंद पाक (250 किलो)
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250 किलो घी
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13 क्विंटल शक्कर
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100-100 किलो बादाम व काजू
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1.5 क्विंटल गोंद
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2 क्विंटल खोपरा
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लापसी (300 किलो)
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250 बाट
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180 किलो शक्कर
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800 किलो घी
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40 किलो काजू
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10 किलो बादाम
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इसके अलावा सब्जी, कैरी का अचार और अन्य व्यंजन भी परोसे जाएंगे।
50 बीघा में विशाल डोम, 32 घंटे चलेगा कार्यक्रम
सैनिक क्षत्रिय माली संस्थान (तीनों गांव), नागौर द्वारा आयोजित इस सम्मेलन के लिए 50 बीघा भूमि पर विशाल डोम लगाया गया है।
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भोजनशाला: 300×75 फीट
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सभा पंडाल: 200×90 फीट
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उपहार सामग्री टेंट: 300×45 फीट
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नियंत्रण कक्ष, परिवार विश्राम स्थल, चिकित्सा, तोरण और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अलग टेंट लगाए गए हैं।
बुधवार सुबह घी पिलाई की रस्म होगी। दोपहर और शाम को प्रसिद्ध डांडिया नृत्य का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार सुबह 70 जोड़ों की बारात निकासी निकलेगी।
घी पिलाई से लेकर जोड़ों की विदाई तक करीब 32 घंटे लगातार कार्यक्रम संचालित होंगे।
देशभर से जुटेंगे मेहमान
राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हैदराबाद और नागपुर से भी बड़ी संख्या में मेहमानों के आने की संभावना है। आयोजन समिति के अनुसार ठहरने, पेयजल, चिकित्सा और आवास सहित सभी व्यवस्थाएँ अंतिम चरण में हैं।
समाज की भागीदारी से भव्य आयोजन
संस्थान के व्यवस्थापक रूप सिंह देवड़ा ने बताया कि विवाह सम्मेलन की हर व्यवस्था—विनायक, डांडिया नृत्य, घी पिलाई, विवाह पंजीकरण, बारात निकासी, घोड़ी, बैंड-बाजा, तोरण, पंडित, वरमाला, भोजन वितरण, पेयजल, आवास और चिकित्सा—समाज के लोगों के सहयोग से संचालित की जा रही है।
भव्य स्तर पर हो रहे इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया है।
