लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गोपालन और कृषि विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंजीकृत गोशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में पानी, चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की सघन ऑडिट करें और ‘आदर्श गोशालाओं’ के लिए योजनाबद्ध कार्ययोजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोशालाओं के संचालन में नवीन तकनीकों, गौ-काष्ठ मशीनों और आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में गौ उत्पादों के महत्व पर भी जोर दिया।
प्रमुख निर्देश और पहलें
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समितियों का पारदर्शी प्रबंधन: गोशालाओं के संचालन में संबंधित समिति की जिम्मेदारी तय की जाए और भामाशाहों व आमजन को सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
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मोबाइल वेटनरी सेवा की ऑडिट: टोल फ्री मोबाइल वेटनरी सेवा के वाहनों के रूट और उपलब्ध दवाओं की नियमित ऑडिट कर पशुपालकों को वास्तविक लाभ सुनिश्चित किया जाए।
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रबी सीजन उर्वरक उपलब्धता: यूरिया और डीएपी की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला कलक्टर्स अपनी क्षेत्रीय मांग के अनुसार वितरण करें। राज्य में 11.35 लाख मैट्रिक टन यूरिया की मांग के विरूद्ध 12.73 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध कराई गई।
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जैविक खेती और किसान प्रशिक्षण: किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए और प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
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एग्रीकल्चर हब और मार्केटिंग: राजस्थान को एग्रीकल्चर हब बनाने की क्षमता को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण उपज की देश-विदेश में मार्केटिंग की योजना तैयार की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव कृषि मंजू राजपाल, शासन सचिव गोपालन समित शर्मा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
