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मीणा समाज पर अमर्यादित बयान, वीडियो वायरल होने पर सस्पेंड हुई कांस्टेबल

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मीणा समाज पर बयान को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत को भी मांगनी पड़ी थी माफी
 महिला कांस्टेबल हुई सस्पेंड
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर।  राजधानी जयपुर में स्थित स्प्रिंग बोर्ड कोचिंग सेंटर में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस की बड़ी चूक सामने आई। यहां निर्भया स्क्वॉयर की महिला कांस्टेबल मंजू ने छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए मीणा समाज को लेकर अमर्यादित टिप्पणी कर दी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस आयुक्त बिरजू जॉर्ज जोसफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।
कैसे हुआ विवाद
कार्यक्रम में एक छात्रा ने सवाल किया कि “बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, शिकायत दर्ज कराने के बाद भी वाहन वापस क्यों नहीं मिलते?”
इस पर जवाब देते हुए महिला कांस्टेबल ने कथित रूप से कहा –
“क्या करें, भाई यहां मीणा बहुत ज्यादा है!”
हालांकि उन्होंने यह बात इशारों में कही, लेकिन समाज विशेष पर यह टिप्पणी तुरंत विवाद का कारण बन गई। क्योंकि यह महिला कांस्टेबल की मीणा समाज को लेकर उनकी भावनाएं प्रकट करती है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
वीडियो हुआ वायरल, समाज में रोष
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मीणा समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। समाज के लोगों का कहना था कि किसी पुलिसकर्मी द्वारा किसी जाति या समाज विशेष को लेकर इस तरह की टिप्पणी न केवल घटिया सोच दर्शाती है, बल्कि यह सामाजिक समरसता को भी ठेस पहुँचाती है।
तुरंत हुई कार्रवाई
शिकायत सामने आने पर जयपुर पुलिस कमिश्नर बिजू जॉर्ज जोसफ ने मामले को गंभीरता से लिया और कांस्टेबल मंजू को निलंबित कर दिया।
इसके साथ ही स्प्रिंग बोर्ड कोचिंग सेंटर ने स्पष्ट किया कि यह बयान पुलिसकर्मी का व्यक्तिगत था और संस्था का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद अकादमी प्रबंधन को माफी मांगनी पड़ी। वहीं, कांस्टेबल मंजू को भी समाज से माफी मांगनी पड़ी।

इस तरह के बयान पर पूर्व राष्ट्रपति और तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत को भी मांगनी पड़ी थी माफी

बात उस समय की है जब जयपुर में मीना हॉस्टल का उद्घाटन करने तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत कार्यक्रम में पहुंचे थे, कार्यक्रम को संबोधित  करते हुए भैरों सिंह शेखावत ने भी  मीणा समाज को लेकर अमार्यादित टिप्पणी कर दी थी, जिस पर उस समय कार्यक्रम स्थल पर ही मीणा समाज के लोगों ने नारेबाजी कर विरोध प्रकट किया था, भैरो सिंह जी शेखावत को अपनी बात का अहसास हुआ और उन्होंने अपनी बात पर तुरंत मीना समाज से माफी मांगी, तब जाकर मामला शांत हुआ।

 

संवेदनशील मुद्दे पर सबक
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि सार्वजनिक मंचों पर बैठे अधिकारी-कर्मचारियों को बेहद सतर्क और जिम्मेदार रहना चाहिए। किसी भी समाज, जाति या धर्म पर टिप्पणी न केवल भावनाओं को आहत करती है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती है।

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