लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा घर-घर सत्यापन
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग देशभर में चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (एसएसआर) के तीसरे चरण की शुरुआत करने जा रहा है। आयोग ने घोषणा की है कि आगामी 1 जुलाई से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। यह प्रक्रिया 9 दिसंबर तक जारी रहेगी।
36 करोड़ से अधिक मतदाताओं का सत्यापन
निर्वाचन आयोग के अनुसार इस चरण में 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना, फर्जी एवं दोहरे नाम हटाना तथा पात्र नागरिकों का नाम सुनिश्चित करना है।
चुनावी राज्यों पर विशेष फोकस
इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण राज्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—
- महाराष्ट्र और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाएगा।
- पंजाब और उत्तराखंड में नए एवं प्रवासी मतदाताओं के पंजीकरण और सूची शुद्धिकरण पर फोकस रहेगा।
- जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में मौसम और सर्दियों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
पहले दो चरणों में हटाए गए 5 करोड़ नाम
आयोग के मुताबिक, पहले दो चरणों के दौरान मतदाता सूची से लगभग 5 करोड़ से अधिक ऐसे नाम हटाए गए जो नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश से करीब 90 लाख विसंगतिपूर्ण नाम हटाए जाने की जानकारी दी गई है। इस संबंध में मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य एक त्रुटिहीन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
