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मनरेगा संशोधन पर कांग्रेस का हल्लाबोल, कानून में बदलाव हुआ तो, गरीब फिर से बंधुआ मजदूर बन जाएंगे

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
 सांसद रंजीत रंजन का केंद्र पर बड़ा हमला
नेता प्रतिपक्ष बोले मनरेगा खत्म हुआ तो मजदूर बंधुआ मजदूर बन जाएंगे
जयपुर। मनरेगा में किए गए हालिया संशोधनों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह संशोधन जनमानस के खिलाफ है और इससे गांवों के मजदूरों का रोजगार खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि नाम बदलने से विरोध नहीं है, लेकिन मनरेगा में काम के दिन घटाने का कड़ा विरोध किया जाएगा।
सांसद रंजीत रंजन ने कहा—
“मनरेगा सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह का सपना था, ताकि हर गरीब को काम का अधिकार मिले।”
“नए संशोधन में रबी-खरीफ के दौरान काम को फ्रिज कर दिया गया है, जिससे मजदूरों की आय रुक जाएगी।”
“बिहार, बंगाल, ओडिशा, यूपी के लोग पहले पलायन करते थे, मनरेगा और फूड सिक्योरिटी से पलायन रुका।”
“पहले ग्राम सभा को अधिकार थे, अब नियंत्रण पूरी तरह केंद्र के हाथ में जाएगा। इससे प्रदेश सरकार भी निर्णय नहीं ले पाएगी।”
“काम का 60% हिस्सा खत्म कर दिया जाएगा, इससे ग्रामीण रोजगार चौपट होगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपति मजदूरों का शोषण करेंगे और कांग्रेस जनता के साथ यह लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह एकजुट है।
“यह संशोधन वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का हमला — “मजदूरों को पता भी नहीं, उनका कानून खत्म कर दिया गया”
कार्यक्रम में मौजूद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा—
“मजदूरों को पता तक नहीं कि उनका कानून खत्म हो गया है।”
“जब खेती में 250–500 रुपये तक मजदूरी मिलती है, ऐसे में मनरेगा को कमजोर करने से बेरोजगारी बढ़ेगी।”
“राज्य पहले ही कर्ज में डूबे हैं, केंद्र राज्यों के फंड रोक रहा है।”
“गरीब के हाथ में ‘राम-नाम ’ का विरोध नहीं, लेकिन मुंह में राम और बगल में छुरी गलत है। भगवान केंद्र सरकार को सद्बुद्धि दे।”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है।
अन्य नेता भी रहे मौजूद
इस मौके पर स्वर्णिम चतुर्वेदी, जसवंत गुर्जर समेत अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

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