लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आर-पार का संघर्ष होगा, खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे
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जयपुर | आर.एन. सांवरिया
जयपुर | पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में शनिवार को “अरावली बचाओ, जीवन बचाओ” अभियान के तहत जयपुर में विशाल सत्याग्रह और पदयात्रा का आयोजन किया गया। खाचरियावास हाउस से अंबेडकर सर्किल तक हजारों की संख्या में लोगों ने पैदल मार्च किया और सचिवालय के पास स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे 45 मिनट का मौन सत्याग्रह कर आंदोलन का औपचारिक आगाज किया।
इस अवसर पर खाचरियावास ने अरावली पर्वतमाला से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और उसके नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति ने उद्योगपतियों से सांठगांठ कर सुप्रीम कोर्ट में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें 100 मीटर से नीचे की पहाड़ियों को अरावली का हिस्सा नहीं माना गया। यदि यह फैसला लागू हुआ तो अरावली की लगभग 90 प्रतिशत पहाड़ियां समाप्त हो जाएंगी।
खाचरियावास ने स्पष्ट कहा कि वे इस फैसले से सहमत नहीं हैं और भारत सरकार को अपनी राय बदलते हुए सुप्रीम कोर्ट में पुनः पक्ष रखकर निर्णय को बदलवाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो देशव्यापी टकराव होगा।
“भाजपा सरकार चाहे कितनी भी बड़ी ताकत लगा ले, अरावली में खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। अरावली खत्म हुई तो हमारा जीवन भी समाप्त हो जाएगा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली सहित देश के बड़े हिस्से को रेगिस्तान बनने से बचाती है। यह पर्वतमाला वर्षा, हरियाली, स्वच्छ हवा और पर्यावरण संतुलन का आधार है। ऐसे में अरावली पर हमला सीधे जीवन पर हमला है।
खाचरियावास ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए 100 साल पुरानी बातों का हवाला देकर महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और पूर्व कांग्रेस सरकारों को दोषी ठहराते हैं, जबकि माइंस एंड मिनरल्स और पर्यावरण से जुड़े सभी अधिकार केंद्र सरकार के पास हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकारों पर फैसले थोपना सरासर झूठ है, क्योंकि 2024 में भाजपा सरकार की समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि यह निर्णय नहीं बदला गया तो राजस्थान की जनता इसे लागू नहीं होने देगी। “आज आंदोलन की शुरुआत हुई है, यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा,” उन्होंने कहा।
पदयात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने “अरावली बचाओ, जीवन बचाओ” की तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शनकारियों का फूल बरसाकर स्वागत किया। इस आंदोलन में जिला अध्यक्ष आर.आर. तिवारी, विधायक रफीक खान, गंगा देवी, पुष्पेंद्र भारद्वाज, अर्चना शर्मा सहित जयपुर शहर के सभी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, पार्षद, वार्ड अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।