लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। समाजसेवी एवं आर्किटेक्ट, A-One Architects Pvt. Ltd. के निदेशक डॉ. दौलत राम माल्या की सुपुत्री अंजली माल्या एवं सौरव पारले का विवाह पूर्णतः दहेज-मुक्त रूप से संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल दो प्रतिष्ठित परिवारों का वैवाहिक मिलन नहीं, बल्कि दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध एक सशक्त और व्यावहारिक संदेश भी है।
अंजली माल्या एक प्रतिभाशाली आर्किटेक्ट एवं अर्बन प्लानर हैं। वर्तमान में वे Malaviya National Institute of Technology Jaipur (MNIT) में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT) परियोजना में जूनियर रिसर्च फेलो के रूप में कार्यरत हैं। उनका शोध कार्य सतत शहरी विकास, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं आधुनिक शहरी नियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है।
वहीं, वर सौरव पारले Directorate of Revenue Intelligence (DRI), मुंबई में इंटेलिजेंस ऑफिसर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके पिता श्री भानु प्रकाश पारले सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में प्रशासनिक अधिकारी हैं। दोनों परिवारों की शैक्षिक एवं व्यावसायिक पृष्ठभूमि अत्यंत सम्मानजनक और प्रेरणादायक रही है।
यह भव्य किन्तु सादगीपूर्ण विवाह समारोह जयपुर स्थित Kesar Mahal Garden में आयोजित किया गया। समारोह में उपस्थित परिजनों, मित्रों एवं गणमान्य अतिथियों ने दहेज-रहित विवाह की सराहना करते हुए इसे सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।
इस अवसर पर डॉ. दौलत राम माल्या ने कहा—
“दहेज एक सामाजिक अभिशाप है, जो विवाह जैसे पवित्र संबंध को लेन-देन का माध्यम बना देता है। हमने अपने परिवार में इस कुप्रथा को पूर्णतः त्याग दिया है। हमारा यह प्रयास युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा कि विवाह दो आत्माओं का मिलन है, न कि धन या वस्तुओं का आदान-प्रदान।”
दोनों परिवारों ने समाज से अपील की—
दहेज प्रथा का पूर्ण बहिष्कार करें।
बेटियों और बेटों को समान अधिकार, सम्मान एवं अवसर प्रदान करें।
विवाह समारोह सादगी, प्रेम और पारदर्शिता के साथ संपन्न करें।
यह विवाह माल्या और पारले परिवारों की सकारात्मक सोच का प्रतीक बनकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। ऐसे प्रयास ही दहेज जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे।