लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। उपखंड क्षेत्र के सुथड़ा स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में देवाधिदेव मल्लिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं संतु जैन ने बताया कि मल्लिनाथ भगवान जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर हैं। उनका जन्म मिथिलापुरी के इक्ष्वाकुवंश में राजा कुम्भ और रानी प्रभावती के यहां मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को हुआ था। वे नीलवर्ण के थे और उनका चिन्ह ‘कलश’ है। दिगंबर परंपरा के अनुसार वे पुरुष तीर्थंकर थे। 55,000 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात उन्होंने फाल्गुन शुक्ल पंचमी को सम्मेद शिखर से मोक्ष प्राप्त किया।
इस अवसर पर शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक के साथ नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। वार्षिक शांतिधारा रमेशचंद, रौनक सर्राफ (जयपुर), पांडुशिला पर शांतिधारा भागचंद, फतेहचंद, पवन कुमार, प्रदीप कुमार एवं आशीष कुमार सर्राफ (टोंक) द्वारा की गई।
इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा, चौबीस भगवानों की मूलनायक पूजा एवं मल्लिनाथ भगवान की विशेष पूजा कर मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं मनोज जैन बनेठा ने जानकारी दी कि सायं 6 बजे श्रेष्ठी परिवार एवं रविवार भक्तामर मंडल अलीगढ़ के तत्वावधान में भक्तामर दीपार्चना का आयोजन सानंद संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे तीर्थ क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा।