लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सोना खरीद में धोखे से बचें, हॉलमार्क रसीद लेना ज़रूरी
चौमहला (झालावाड़): भारतीय मानक ब्यूरो जयपुर के दिशा-निर्देशन में झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत चौमहला के पंचायत भवन में पांचवीं मानक चौपाल का आयोजन किया गया। त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को सोना-चांदी खरीद में सतर्क रहने और हॉलमार्क रसीद लेने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम विकास अधिकारी उम्मेद सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि सरपंच प्रतिनिधि अशोक कुमार रहे। इस अवसर पर समाजसेवी नरेश निगम, प्रयास ग्रुप की कार्यकर्ता गुणमाला व पिंकी डोसी, तथा पंचायत लेखपाल पूर्णिमा शर्मा उपस्थित रहे।
सोना-चांदी खरीद पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
मुख्य वक्ता एवं कोशिश एनजीओ के परियोजना निदेशक पंकज शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि धनतेरस और दीपावली पर सोना-चांदी खरीदते समय उपभोक्ताओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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सोना खरीदते समय हॉलमार्क का चिन्ह अवश्य देखें।
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खरीदारी के बाद हॉलमार्क रसीद लेना जरूरी है, जिसकी सरकारी फीस सोने पर ₹45 और चांदी पर ₹35 है।
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दुकानदार द्वारा बताए गए कैरेट की पुष्टि रसीद और हॉलमार्क से ही संभव है।
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हर सोने के जेवर पर 6 अंकों का HUID नंबर होता है, जिसे BIS Care App से जांचा जा सकता है।
शर्मा ने बताया कि आजकल बाजार में 16 और 14 कैरेट (66% व 58%) तक सोना बेचा जा रहा है, इसलिए उपभोक्ताओं को धोखा खाने से बचने के लिए बिल और रसीद लेना अनिवार्य है।
उपभोक्ता अधिकारों पर जोर
उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि भारत सरकार ने 644 से अधिक उत्पादों पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। बिना ISI मार्क या रजिस्ट्रेशन मार्क वाले उत्पाद बनाना और बेचना कानूनी अपराध है।
समापन
कार्यक्रम के अंत में समाजसेवी नरेश निगम ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह झालावाड़ जिले में आयोजित पांचवीं और अंतिम मानक चौपाल थी। कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित ग्रामीणों को अल्पाहार भी वितरित किया गया।
