लुनियावास प्रकरण को लेकर एसडीएम ने गठित की चार सदस्यीय कमेटी

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

— लुनियावास गांव के 49 परिवारों से छत छीनने का मामला
— प्रार्थी पक्ष को सुनने और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश

नवीन कुमावत
किशनगढ़ रेनवाल। लुनियावास गांव में 49 परिवारों से छत छीनने के प्रयास के मामले को लेकर गत दिनों पंचायत समिति सदस्य एवं पंचायत समिति संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सूरपुरा एवं ग्रामीणों द्वारा दिए गए धरने के बाद एसडीएम सुनीता मीणा ने एक चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

कमेटी में तहसीलदार कोमल यादव, विकास अधिकारी छोटुलाल मीणा, भू अभिलेख निरीक्षक लुनियावास नारायण जाट एवं हल्का पटवारी सुभाष काजला को शामिल किया गया है। एसडीएम सुनीता मीणा ने गठित कमेटी को निर्देश दिया है कि वे प्रार्थी पक्ष को सुनते हुए उनसे इस संबंध में सारी जानकारी लेकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच करें।
गौरतलब है कि कथित रूप से राजनीतिक द्वेषता के तहत लुनियावास सरपंच राधादेवी एवं उनके पति रामपाल गीला पर 49 परिवारों ने अपने पक्के पट्टेशुदा वैध घरों को तोड़ने पर आमादा होने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पंचायत समिति संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सूरपुरा के नेतृत्व में पीड़ित परेशान परिवारों एवम ग्रामीणों ने 5 मई 2025 को रेनवाल एसडीएम कार्यालय के बाहर सरपंच, सरपंच पति और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया।इसके बाद एसडीएम सुनीता मीणा को इस संबंध में न्यायसंगत जांच कर कार्रवाई करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया था।
धरने के दौरान पंचायत समिति संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सूरपुरा ने बताया कि लुनियावास गांव सरपंच राधादेवी और उनके पति रामपाल गीला इन चुनिंदा परिवारों को राजनीतिक द्वेषता के तहत परेशान किया जा रहा है। इन 49 परिवारों के घर तोड़ने की साजिशपूर्ण कार्रवाई की जा रही है, जबकि इन सभी के पास वैध रूप से पूर्व की पंचायत द्वारा बनाए गए पट्टे हैं। इनको किसी प्रकार का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया।

सुरपुरा ने बताया कि 4 मार्च 2024 को राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा भी इस मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश स्थानीय तहसील प्रशासन को दिए गए थे, लेकिन अभी तक किसी पीड़ित का पक्ष जानने की कोशिश नहीं की गई।

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